रजत जयंती समारोह में पुरातन छात्रों ने एक दूसरे के साथ पुरानी यादों को किया साझा, शोहरतगढ़ के शिवपति इण्टर कॉलेज में आयोजित तीन दिवसीय रजत जयंती समारोह के दौरान जुटे 1995 बैच के पुरातन छात्र

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एम० एस० खान की रिपोर्ट
शोहरतगढ़, सिद्धार्थनगर

नगर पंचायत शोहरतगढ़ के शिवपति इंटर कॉलेज में 1995 बैच के पुरातन छात्रों द्वारा आयोजित तीन दिवसीय रजत जयंती समारोह के दूसरे दिन शनिवार को डुमरियागंज सांसद जगदंबिका पाल ने उपस्थित लोगों को सम्बोधित करते हुए कहा कि इस प्रकार के रजत जयंती समारोह का आयोजन शिवपति इंटर कॉलेज के इतिहास में एक और कड़ी को जन्म दिया है, इसे कायम रखना हर छात्र व विद्यालय प्रशासन की जिम्मेदारी है। ऐसे आयोजनों में लोग एक दूसरे से मिलकर पुरानी यादों को ताजा कर रहे हैं। जीवन के किस मोड़ पर कहां मुलाकात हो ,इस लिए एक दूसरे से भाई चारगी के साथ मिलें और एक दूसरे के सुख दुख में शामिल हो, इस जयंती अवसर पर संकल्पित होने की जरूरत है। कार्यक्रम आयोजक धीरेंद्र वशिष्ट जी महाराज ने सभी पुरातन छात्रों को एक साथ आपसी मेल भाव को कायम रखने और एक दूसरे को समय पर सहयोग प्रदान करने का संकल्प दिलाया।

पुरातन छात्र कमलेश मिश्रा, अनिल पाठक, मधुर श्याम, सत्येंद्र गुप्ता, रामसेवक गुप्ता, महेश त्रिपाठी, सगीर खाकसार, मुस्तन शेरुल्लाह आदि लोगों ने रजत जयंती समारोह के दौरान अपने पुराने क्षणों को याद करते हुए लोगों के बीच जानकारी और आपबीती को साझा किया। आयोजक धीरेंद्र मिश्र वशिष्ठ जी महाराज द्वारा रामचरितमानस पाठ के साथ-साथ अच्छे भजन गीत भजन गीत के माध्यम से लोगों को आनंदित किया गया ।

डॉ प्रधानाचार्य डॉ नलिनी कांत मणि त्रिपाठी ने पुरातन छात्रों व कॉलेज के सेवानिवृत्त शिक्षकों और वर्तमान में कार्यरत शिक्षकों को संबोधित करते हुए कहा कि गुरु का मार्गदर्शन एक छात्र के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण होता है। छात्र अपने परिश्रम और गुरु के निर्देश का पालन कर अच्छे मुकाम पर पहुंचने में सफलता हासिल कर सकता है। वर्तमान में शिक्षा हासिल कर रहे छात्रों को चाहिए कि अपने पुरातन छात्रों व गुरुजनों से सीख लेते हुए बेहतर ढंग से शिक्षा हासिल कर आगे बढ़े। आयोजक द्वारा अतिथियों कोफूल मालाओं श्रीरामचरितमानस पुस्तक और अंग वस्त्र भी भेंट किया गया।

कॉलेज में 25 वर्ष पहले 1995 में इण्टर मीडिएट के मैथ, बायोलॉजी, एग्रीकल्चर ग्रुप में एक साथ एक कक्षा में बैठकर शिक्षा हासिल किए हुए पुरातन छात्र अपने पुराने साथियों को पाकर काफी गदगद व भावुक भी रहे । हर कोई बस अपने साथियों से पुराने चेहरे की याद ताजा करते ही बस यही कहता नजर आया कि पहचाने हम फला हैं। गुरुजनों और शिष्यों की पुरानी यादों की चर्चा रजत जयंती समारोह के कार्यक्रम के दौरान चलती रही।

इस दौरान उपजिलाधिकारी शिवमूर्ति सिंह ने कहा कि गाँव से जुड़े रहना बहुत बड़ी बात है गाँव से जुड़ाव अपनी पहचान को बताता है। ऐसे कार्यक्रमों से लोगों को प्रेरणा मिलेगी। इसके साथ ही नायब तहसीलदार अवधेश कुमार राय ने कहा कि अन्य प्रदेश व जनपदों में सेवा देने के बाद भी गाँव को नही छोड़ना चाहिये गाँव से जुड़ा रहना चाहिए, गाँव से सम्पर्क रहने पर गाँव व क्षेत्र का विकास होता है।

इस दौरान कार्यक्रम आयोजक धीरेंद्र मिश्र वशिष्ट जी महाराज के अलावा सत्येंद्र गुप्ता , सग़ीर खाकसार, कमलेश मिश्रा, मधुर श्याम, राकेश जयसवाल, महेश त्रिपाठी, सोनू श्रीवास्तव , अनिल पाठक वीरेंद्र मणि त्रिपाठी मधुर श्याम मिश्रा, मुकेश श्रीवास्तव ,राम सेवक, ओम प्रकाश, मुकेश कुमार,पदमाकर शुक्ल, रमेश मणि त्रिपाठी, मुस्तन शेरुल्लाह,लाल जी यादव, सुरेन्द्र प्रजापति,संतोष कुमार चौधरी आदि लोग मौजूद रहे।

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