UP में और गहराया बिजली संकट, निजीकरण के खिलाफ अब अधिकारी भी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर

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पवन कुमार यादव की रिपोर्ट
लखनऊ

निजीकरण के विरोध में यूपी पावर ऑफिसर्स असोसिएशन ने भी मंगलवार शाम 4 बजे से अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार की घोषणा कर दी है। राज्य के बिजली कर्मचारी और संविदाकर्मी सोमवार से हड़ताल पर हैं। बीते दो दिनों में जनता का बुरा हाल हो चुका है। फॉल्ट की मरम्मत सहित उपभोक्ता सेवाओं से जुड़े कामकाज प्रभावित हैं।

निजीकरण के विरोध में बिजली कर्मचारियों की हड़ताल दूसरे दिन भी जारी है। इस बीच यूपी पावर ऑफिसर्स असोसिएशन ने भी मंगलवार शाम 4 बजे से अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार की घोषणा कर दी है। प्रदेश की सभी डिस्कॉम के अधिकारी इस हड़ताल में शामिल होंगे। इससे राज्य में बिजली संकट के और गहराने की आशंका बढ़ गई है। राज्य के बिजली कर्मचारी और संविदाकर्मी सोमवार से हड़ताल पर हैं।

अधिकारियों के असोसिएशन ने एक पत्र जारी कर कहा, ‘5 अक्टूबर को ऊर्जा मंत्री के साथ बातचीत में संगठन और प्रबंधन के बीच सुधारों को लेकर सहमति बन गई थी। मगर पावर कार्पोरेशन के उच्च प्रबंधन का अपनी बात से मुकरना और सहमति पत्र पर हस्ताक्षर करने से इनकार करना गहरी साजिश की ओर इशारा करता है। इससे पावर ऑफिसर्स असोसिएशन के सदस्यों के सामने आंदोलन पर जाने के अलावा कोई रास्ता नहीं बचा है।’

असोसिएशन ने आगे कहा, ‘इस सबकी वजह से अगर प्रदेश की जनता को समस्या का सामना करना पड़ता है तो इसके लिए पावर कॉर्पोरेशन का शीर्ष प्रबंधन और यूपी सरकार जिम्मेदार होंगे। इसलिए असोसिएशन ने मंगलवार शाम 5 बजे से अनिश्चितकालीन कार्यबहिष्कार पर जाने का फैसला किया है।’

यूपी पावर कॉरपोरेशन के चेयरमैन के रवैये ने बढ़ाई मुसीबत- बिजली कर्मचारियों के आंदोलन के चलते सोमवार शाम को ही ऊर्जा मंत्री ने पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम के निजीकरण का प्रस्ताव वापस ले लिया। ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा के साथ विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष मोर्चा के पदाधिकारियों की बैठक हुई जिसमें उन्होंने अपनी मांगें रखीं। ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा ने कर्मचारियों के बीच जाकर पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम के निजीकरण का प्रस्ताव वापस लेने की घोषणा की और सहमति पत्र पर हस्ताक्षर किए। हालांकि यूपी पावर कारपोरेशन और विद्युत कर्मचारियों के बीच अभी सहमति नहीं बन पाई है। ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा के निर्देश के बावजूद यूपीपीसीएल चेयरमैन ने सहमति पत्र पर हस्ताक्षर नहीं किए। चेयरमैन ने सहमति पत्र पर विचार करने के लिए समय मांगा है। इस तरह अभी बिजलीकर्मियों की हड़ताल जारी रहेगी।

सोमवार से हड़ताल पर बिजलीकर्मी, लोग बेहाल- बता दें कि प्रदेश के बिजली कर्मचारी सोमवार से हड़ताल पर हैं। बीते दो दिनों में जनता का बुरा हाल हो चुका है। फॉल्ट की मरम्मत सहित उपभोक्ता सेवाओं से जुड़े कामकाज प्रभावित हैं। ऊर्जा प्रबंधन और जिला प्रशासन ने बिजली सप्लाई बहाल रखने के लिए पुलिस के पहरे के साथ कई वैकल्पिक इंतजाम किए हैं, लेकिन फॉल्ट के आगे सभी फेल हो गए। इंटेलिजेंस रिपोर्ट के मुताबिक, कर्मचारी किसी भी समय अनिश्चितकालीन हड़ताल और जेल भरो आंदोलन शुरू कर सकते हैं।

लोगों को पानी मिलना भी मुहाल, सीएम योगी ने बुलाई बैठक- उत्तर प्रदेश में निजीकरण के खिलाफ बिजलीकर्मियों के कार्य बहिष्कार के चलते बिजली न होने की वजह से अब लोगों को पीने के लिए पानी तक मिलना मुहाल है। हालात की गंभीरता को समझते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मामले को संज्ञान में लिया है। मीडिया रिपोर्ट्स में बताया गया कि मंगलवार को सीएम योगी के घर पर ऊर्जा मंत्री, प्रमुख ऊर्जा सचिव समेत विभाग के अधिकारियों के साथ मीटिंग चल रही है। मीटिंग में हड़ताल के कारण उपजी परिस्थितियों पर चर्चा और इससे उबरने का रास्ता निकालने पर बातचीत जारी है।

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