हरिद्वार में हरि की पैड़ी पर जल्दी ही बनेगा रैंप व होगी व्हीलचेयर की व्यवस्था, उत्तराखंड राज्य सरकार ने अधिवक्ता नगेन्द्र कुमार श्रीवास्तव को दिलाया भरोसा

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● अधिवक्ता नगेन्द्र कुमार श्रीवास्तव ने उत्तराखंड राज्य सरकार को हरिद्वार में हरि की पैड़ी पर रैंप व व्हीलचेयर की व्यवस्था के लिए भेजा था पत्र

● हरिद्वार में हर की पौड़ी में अंदर घूमने के लिए बुजुर्ग माता-पिता या दिव्यांगों के लिये रैंप व व्हीलचेयर न होने से होती थी परेशानी

पर्दाफाश न्यूज़ टीम
शोहरतगढ़, सिद्धार्थनगर

बुधवार को शोहरतगढ़ निवासी वरिष्ठ अधिवक्ता नगेन्द्र कुमार श्रीवास्तव ने हरिद्वार में हर की पौड़ी में अंदर घूमने के लिए बुजुर्ग माता-पिता या दिव्यांगों को हो रही परेशानी के सन्दर्भ में सोसल मीडिया पर पत्र लिखा था कि माo मुख्यमंत्री जी, (उत्तराखंड राज्य) हरि की कृपा से आप हरि के द्वार के सजग प्रहरी है, अतः हम आप का ध्यानाकर्षण एक विशेष बिंदु पर कराने का प्रयास कर रहे हैं, शायद आप सहमत हों। आप और आप से जुड़े बहुत से लोगों ने हरिद्वार की यात्रा की होगी, हरिद्वार में हरी की पैड़ी में अंदर जाने का स्थान सिर्फ सीढ़ी वाला पुल है। अगर कोई अपने बुजुर्ग माता-पिता को हर की पौड़ी में अंदर घुमाना चाहता हो, तो उसे असुविधा होती है। सीढ़ियों पर रैंप की व्यवस्था नहीं है जिस कारण व्हीलचेयर भी हरी की पैड़ी में अंदर नहीं जा सकती। आग्रह के साथ यह भी लिखा कि हरी की पैड़ी में अंदर की ओर जो सीढ़ी वाला पुल बना हुआ है, उसमें एक साइड पर रैंप की व्यवस्था करा दें, जिससे यदि कोई अपने बुजुर्ग माता-पिता को या कोई दिव्यांग हर की पौड़ी को अंदर से घुमाना चाहे तो व्हीलचेयर पर भी जा सके तथा सीढ़ी के पास ही एक ऑफिस हो जिसमे व्हील चेयर किराए पर उपलब्ध हो और वहां गए पर्यटकों और भक्तों को किसी प्रकार की कोई परेशानी ना हो।

उक्त के संदर्भ में जानकारी देते हुए अधिवक्ता नगेन्द्र कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि उत्तराखंड राज्य के मुख्य पर्यटन सचिव दिलीप जी से हमारी बात हुई उन्होंने हमारे सुझाव और प्रस्ताव का स्वागत करते हुए कहा कि हम इसको तुरंत बनाते हैं। पुल पर जल्दी ही रैंप और व्हीलचेयर की व्यवस्था हरिद्वार में हरि की पैड़ी में अंदर दर्शन करने के लिए हो जाएगी।

हरिद्वार में हर की पैड़ी को अंदर से घूमने के लिए व्हीलचेयर और रैंप की व्यवस्था श्रेय जनपद वाशियों को दिया। साथ ही कहा कि इसका श्रेय बुद्ध भूमि को जाता है इसमें हमारा योगदान नहीं बल्कि जनपद के सभी लोगों का आशीर्वाद और स्नेह शामिल रहा कि हमारे प्रस्ताव को उत्तराखंड राज्य सरकार ने बिना किसी औपचारिकता के जनहित को देखते हुए तत्काल स्वीकार कर लिया।

इनके विचारों से प्रभावित होकर समाजसेवी जवाहर लाल जायसवाल ने कहा कि विद्वान अधिवक्ता के दिमाग में वृद्धजनों को होने वाले कष्ट की बात आई तो उन्होंने बिना किसी संकोच के लिखा पढ़ी कर संबंधित अधिकारी से बात की और उसका फल हम सबके सामने हैं ऐसे प्रयास को बहुत-बहुत बधाई। विद्वान अधिवक्ता नगेन्द्र कुमार श्रीवास्तव के इस प्रयास से हमारे जनपद सिद्धार्थनगर का नाम पूरे भारत में रोशन होगा। यह बड़े ही गर्व की बात है कि उनके इस प्रयास से तमाम दिव्यांग, विकलांग और  बूढ़े माता-पिता को उनकी संताने व्हीलचेयर से हर की पैड़ी और पुल आदि पर परिक्रमा करा सकेंगे जिससे उनकी संतानों के प्रति उनके माता-पिता  की तरफ से दिल से दुआएं निकलेगी जो साक्षात परमात्मा तक पहुंचेगी।

इसके साथ ही “राम नाम लीजै जन्म सफल कीजै” के संस्थापक पंडित धीरेंद्र वशिष्ठ जी महाराज जी ने कहा कि रैंप निर्माण व व्हीलचेयर की व्यवस्था से बृद्ध माता पिता को माँ गंगा का दिव्य दर्शन सुगमता से हो जाएगा। जनहित के लिए किया गया प्रयास सदैव सफल होता है, जिसका विस्तृत वर्णन उन्होंने अपने 8 मिनट 49 सेकेण्ड के बीडीओ में कहा है।

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