कोरोना से बचाव अभियान में रिपोर्टिंग से योगदान के साथ फ्रंटलाइन की तरह ही डेस्क से महत्वपूर्ण एवं संवेदनशील भूमिका निभा रही हैं निशा परवीन, कहा कोरोना में लगी ड्यूटी के बाद नहीं देखा घर का चेहरा, इस लड़ाई को जीतना ही मकसद

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अरविन्द द्विवेदी की रिपोर्ट
सिद्धार्थनगर

कोरोना से बचाव अभियान में स्वास्थ्य विभाग के बड़े अधिकारी से लेकर कर्मचारी तक पूरी शिद्दत के साथ जुटे हैं। कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर (सीएचओ) निशा परवीन भी एक ऐसी ही शख्सियत हैं जिनकी रिपोर्ट पर रोजाना पूरे जिले की नजर रहती है। वैसे तो निशा का काम डेस्क का है लेकिन यह अंग्रिम पंक्ति के कार्य जैसा ही महत्वपूर्ण और संवेदशील भी है। उनकी छोटी सी चूक भी गहरा प्रभाव डाल सकती है, लेकिन निशा बड़ी ही सजगता से इस दायित्व को निभा रही हैं।

एक सीएचओ के तौर पर वह हर दिन मिलने वाले मरीजों का प्रोफार्मा पर रिपोर्ट तैयार कर पोर्टल पर अपलोड कराने में जुटी हैं। कोरोना में लगी ड्यूटी के बाद उन्होंने अपने घर का चेहरा नहीं देखा है। उन्होंने भी अपने मन में ठान रखा है कि लक्ष्य पूरा होने  के बाद ही घर लौटेंगी।

हापुड़ जिले के गढ़मुक्तेश्वर तहसील क्षेत्र के मुरादपुर गांव की रहने वाली निशा परवीन उस्का ब्लॉक क्षेत्र के सोहांस उपकेंद्र (हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर) पर सीएचओ के पद पर तैनात हैं। जिले में लगातार कोरोना मरीजों के मिलने पर स्वास्थ्य विभाग ने इन्हें मरीजों की रिपोर्ट बनाकर पोर्टल पर अपलोड कराने की जिम्मेदारी सौंपी है। जिम्मेदारी मिलने के बाद से ही इन्होंने सीएमओ ऑफिस के सर्विलांस ऑफिस में बैठकर प्रतिदिन मिलने वाले कोरोना मरीजों का प्रोफार्मा पर रिपोर्ट तैयार करके पोर्टल पर अपलोड करा रही हैं। निशा परवीन बताती हैं कि स्वास्थ्य विभाग में काफी समय से नौकरी कर रही हैं, लेकिन इस तरह की आपदा पहली बार देखा है। विभाग ने उन पर भरोसा कर रिपोर्ट तैयार करने की जिम्मेदारी सौंपी है, इसे वह बखूबी निभाने में लगी हैं। उन्होंने बताया कि परिवार की याद आती है, लेकिन अब कर्तव्य पूरा होने के बाद ही घर लौटेंगी। डीसीपीएम मानबहादुर ने बताया कि कोरोना में सीएचओ महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं।

मां हर रोज कोरोना से बचने का देती हैं सलाह- कोरोना में सीएचओ निशा परवीन की ड्यूटी लगने की जानकारी मिलने के बाद परिवार थोड़ा परेशान हुआ। इन्होंने अपनी जिम्मेदारियों का परिवार को एहसास कराते हुए बताया कि स्वास्थ्यकर्मियों पर दुनिया की निगाह है। इससे पीछे नहीं हटा जा सकता है। परिवार को तसल्ली हुई की बेटी अपने आपको सुरक्षित रखेगी। इसके बाद भी हर रोज मां फोन कर कोरोना से बचाव की सलाह देती रहती हैं। 

मोबाइल-वीडियों कॉल से होती है बात- सीएचओ निशा परवीन तीन भाई व दो बहनों में सबसे बड़ी हैं। पारिवारिक जिम्मेदारी और नौकरी दोनों एक साथ लेकर चलना आसान नहीं, लेकिन यह दोनों को बखूबी निभाकर सबको संतुष्ट कर रही हैं। नौकरी की जिम्मदारी निभाने के बाद परिवार से मोबाइल व वीडियों कॉल से बात कर मन को तसल्ली देती हैं।

ई संजीवनी एप पर भी करती हैं काम- सीएचओ अपने कार्य क्षेत्र उस्का बाजार के सोहांस उपकेंद्र के अगल -बगल के रहने वाले मरीजों का ख्याल रखती हैं। कोविड-19 के चलते अस्पताल न जा पाने वाले मरीजों का ई संजीवनी एप पर पंजीकरण कराकर ऑनलाइन ओपीडी लेने में सहयोग भी देती रहती हैं।

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