क्या पेट्रोलियम मंत्रालय के केंद्रीय मंत्री ईमानदारी के साथ पेट्रोल पंप पर खुद 1 लीटर पेट्रोल या डीजल खरीद सकते हैं ? यदि हां तो देश की जनता आपसे जानना चाहती है कि आप ईमानदारी के साथ 1 लीटर डीजल या पेट्रोल का वाणिज्यिक अनुक्रम में संव्यवहार कैसे करेंगे?- अधिवक्ता नगेन्द्र कुमार श्रीवास्तव

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पर्दाफाश न्यूज़ टीम
लखनऊ / नई दिल्ली

यूं तो सभी लोग पेट्रोल पंप पर डीजल या पेट्रोल लेते हैं। डीजल या पेट्रोल लेने के बाद अक्सर वे अपने गंतव्य को निकल जाते हैं लेकिन शायद ही किसी ने पूछा हो कि वाणिज्यिक अनुक्रम में क्या प्रति लीटर पैसे का लेन देन देन करना सम्भव है। अक्सर देखा जाता है कि सभी लोग राउंड फिगर में डीजल या पेट्रोल लेते हैं उसके वाणिज्यिक अनुक्रम में यदि कोई डीजल है पेट्रोल लेता है तो यकीनन उसे अधिक पैसे देने होंगे।

इसी बात को लेकर सिद्धार्थनगर जनपद के अधिवक्ता नगेन्द्र कुमार श्रीवास्तव ने भारत सरकार के केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री से कुछ सवाल पूछे है। “सवाल यह है कि आप पेट्रोलियम के खुद केंद्रीय मंत्री होते हुए क्या ईमानदारी के साथ पेट्रोल पंप पर खुद 1 लीटर पेट्रोल या डीजल खरीद सकते हैं ? और अगर हां ! तो देश की जनता आपसे जानना चाहती है कि आप ईमानदारी के साथ 1 लीटर पेट्रोल या 1 लीटर डीजल का वाणिज्यिक अनुक्रम में संव्यवहार कैसे करेंगे ? जिससे आम जनता अपने जेब से हो रही अदृश्य कटौती से बच सके।

अपने साथ घटी घटना का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि “अक्सर डीजल और पेट्रोल के दामों में जो वृद्धि हो रही थी या हो रही है या होगी। इन बातों ने हमारा ध्यान डीजल और पेट्रोल के मूल्यों की ओर आकर्षित किया। आज जब हम स्थानीय अशोक बोराजी के पेट्रोल पंप पर पेट्रोल भराने गए तो वहां हमने पेट्रोल और डीजल बांटने वाले कर्मचारियों से बात की हमने कहा इस समय डीजल क्या हिसाब है तो उनमें से एक ने बताया 72 रुपया 82 पैसा, हमने उससे कहा कि हमें 1 लीटर डीजल लेना है तो तुम पैसा कैसे वापस करोगे? उसने कहा कि भैया मजबूरी है ₹73 लेंगे। वहां कई लोग मोटर साइकिल लेकर खड़े थे सबका ध्यान हमारी बात पर आकर्षित हुआ। हमने कहा कि भारत सरकार जिन पैसों को चलाती नहीं है, देश में उनका सवंव्यवहार कैसे करा सकती है ? फिर हमने ₹50 का पेट्रोल डलवाया वहां से किसी व्यक्ति की पर्चो जिस पर पेट्रोल का मूल्य 81 रुपया 64 पैसा अंकित था हमने लिया। हमने फिर वहां के कर्मचारी से कहा कि मान लो हम 1 लीटर पेट्रोल ले तो तुम पैसा कैसे वापस करोगे तो उसने कहा भैय्या ₹82 लेंगे।”

इस साथ ही उन्होंने संवाददाता से बताया कि -” हमने कहीं पढ़ा था कि सरकारों में कुछ लोग ऐसे होते हैं और इस प्रकार भ्रष्टाचार करते हैं जो जल्दी समझ में ना आए और वह लोग मछली की तरह पानी पीते हैं हर आदमी मछली का पानी पीना नहीं भाँप सकता। लेकिन जीव विज्ञान के छात्र यह जानते हैं की पानी में रहने वाली मछली किस प्रकार पानी पीती है।

पेट्रोल पंपों पर इस प्रकार का मूल्य निर्धारण में आपके सरकार (भाजपा) का कोई रोल नहीं है बल्कि यह काफी वर्षों से चला रहा है, लेकिन आप की सरकार में माननीय प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में राष्ट्रीय हित में बहुत से अकल्पनीय अद्भुत और अविस्मरणीय तथा ऐतिहासिक फैसले किए गए हैं। वर्षों से चली आ रही इस भ्रष्ट परंपरा को भी बंद कराने की कृपा करें। पेट्रोलियम मंत्रालय भारत सरकार के अधीन है जिस प्रकार भारत सरकार के अधीन रेलवे मंत्रालय ने राउंड फिगर की योजना तैयार की और अब रेलवे में राउंड फिगर में किराया तय होता है ठीक उसी प्रकार पेट्रोल पंपों पर भी राउंड फिगर में उसका मूल्य तय करने के संदर्भ में योजना और नीति बनाने की कृपा करें। जिससे पूरा देश वर्षों से लगातार बेवकूफ बनने और राष्ट्रीय स्तर पर हो रही वर्षों पुराने भ्रष्टाचार की प्रक्रिया से बच सके। वाकई सरकार को इन विषयों पर अध्ययन करना चाहिए ताकि आम जनता की जेबों पर अदृश्य कटौती ना हो सके।

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