ग्राम समाज की भूमि पर हो रहे अवैध कब्जे को लेकर एक्सन के मूड में तहसील प्रशासन, कहा भूमाफियाओं को चिन्हित कर होगी कार्यवाही, महदेवा नानकार में कब्जे को लेकर दबंगों ने फूंका था महिला का झोपड़ा, तहसीलदार राजेश कुमार अग्रवाल ने किया मौका मुआयना

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सरताज आलम की विशेष रिपोर्ट
सिद्धार्थनगर

विकास खण्ड शोहरतगढ़ के ग्राम पंचायत महदेवा नानकार में जिम्मेदारों के आंखे मूंद लेने के कारण ग्राम समाज की जमीन/गड्ढे पर धीरे-धीरे कब्जा किये जाने का सिलसिला जारी है। समय रहते प्रशासन ने यदि गड्ढों को कब्जा मुक्त नही कराया तो उसका आस्तित्व ही संकट में पड़ जायेगा। शोहरतगढ़ तहसील अंतर्गत का ग्राम पंचायत महदेवा नानकार इन दिनों प्रायः चर्चा का बिंदु बना हुआ है। जिसका संज्ञान लेकर शोहरतगढ़ तहसीलदार राजेश कुमार अग्रवाल ने घटना स्थल का मुआयना किया।

इस दौरान उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि प्रथम दृष्टया महदेवा नानकार में सरकारी भूमि पर लोगों द्वारा कब्जा करने का मामला संज्ञान में आया है इस संदर्भ में एक महिला की झोपड़ी फूक दी गयी है। और मैं देख रहा हूं कि राजेश चौधरी नाम के व्यक्ति द्वारा खाद गड्ढे व नवीन परती की जमीन (132 की जमीन) पर उन्होंने पूरा कब्जा कर रखा है और झोपड़ी फूकने का भी प्रयास किया है ऐसा संज्ञान में आया है। मैंने संबंधित को निर्देश दिया है कि गंभीर धाराओं में मुकदमा पंजीकृत किया जाए और संबंधित लेखपाल पर भी कार्रवाई होगी। उच्चतम न्यायालय क्या आदेश का हवाला देते हुए कहा कि किसी भी जाति धर्म का कोई भी व्यक्ति कितना भी बड़ा शक्तिशाली व बलवान क्यों ना हो वह ग्राम समाज की भूमि पर कोई कब्जा नहीं कर सकता। कब्जा उसको गिराना पड़ेगा। कल मैं इसकी पैमाइश करा कर देखूंगा की ग्राम समाज की जमीन कितनी है इसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी। ग्राम समाज की भूमि में कब्जा कराने संबंधी संलिप्तता पर संबंधित लेखपाल पर भी कार्रवाई होगी।

विदित हो कि महदेवा नानकार गांव के गाटा सं 660 एवं 661 के अंतर्गत 0.0830 हेक्टेयर रकबा ग्राम समाज की जमीन सार्वजनिक गड़हा व नवीन परती है। जिसके दो तरफ से आबादी और दो तरफ कृषि योग्य जमीन है। इस गड्ढे के दो तरफ आबाद लोगों के नाली का गन्दा पानी उक्त गड्ढे में गिरता था। पिछले कुछ दिनों से गांव के कुछ दबंग लोग उसमें मिट्टी डालकर पाटने व उस पर कब्जा करने का कार्य कर रहें है। वहीं धीरे-धीरे कई लोगों ने सरकारी जमीन/गड्ढे पर पक्का मकान, झोपड़ी, नल व शौचालय का निर्माण कर उस पर काबिज भी हो चुके हैं। जाहिर है कि उक्त गड्डे/जमीन पर हो रहा कब्जा ग्राम प्रधान तथा सेक्रेटरी आदि के निगाहों में तो जरूर होगा।

ग्रामीणों द्वारा इस पर अवैध रुप से कब्जा किये जाने से गड्ढा बर्ष प्रतिबर्ष सिकुड़ता जा रहा है। गांव के कई लोगों ने बताया कि इस दिशा में ग्राम प्रधान, सेक्रेटरी व बीडीओ एवं तहसीलदार को अवगत कराया गया, किन्तु परिणाम शून्य रहा। लोगों ने कहा कि अगर यही स्थिति रही तो जल्द ही गड्ढे बस कागजों में ही रह जायेगा। गांव के घरभरन यादव पुत्र सुखराज यादव ने बताया कि सरकारी जमीन/गड्ढे में नालियों के गन्दे पानी को गिराने के लिए ग्राम प्रधान व साभ्रान्त ब्यक्तियों द्वारा कई बार प्रयास किया गया किन्तु दबंगों द्वारा गड्ढे पर कब्जा करने की नीयत से प्रयास सफल नहीं हो सका।

वहीं सरकारी गड्ढे में नाली के गन्दे पानी के गिरवाने की लिखित प्रार्थना पत्र गांव के ही बुद्धिराम यादव, रज्जाक, रामवृक्ष, वलीउल्लाह, श्याम बिहारी, हरिहर यादव, रेखा, बलराम हरीश, मो.उमर, जय प्रकाश आदि ने अधिकारियों को भी दिया गया है, लेकिन किसी अधिकारी द्वारा कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है, जिससे अवैध कब्जेदारों के हौसले बुलंद हैं। इसी क्रम में महादेवा नानकार निवासिनी महिला जैतुन्निशा पत्नी जमील अहमद ने गांव के ही दबंग राजेश, पप्पू व बल्ली पर शनिवार रात उसकी झोपड़ी को फूंक देने का आरोप लगाते हुए बताया कि आगजनी में उसकी लगभग 40000/-रुपये की सम्पत्ति जलकर खाक हो गयी। बावजूद इसके कहीं भी पीड़ित महिला की कहीं भी कोई सुनवाई नहीं हैं। जिसका संज्ञान उपजिलाधिकारी अनिल कुमार के आदेश के अनुक्रम में तहसीलदार राजेश कुमार अग्रवाल द्वारा लिया गया।

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