असली कोटेदार की तलाश

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असली कोटेदार की तलाश
मौखिक प्रतिनिधि कोटेदार अंगूठा लगवाकर भी राशन से करते महरूम

पर्दाफाश न्यूज टीम प्रयागराज।
—हरीश सिंह, राकेश कुमार व अंकित मालवीय आदि कई कोटेदार प्रतिनिधि से कार्ड धारक भी भौचक्के।
नैनी, प्रयागराज। कोरोना संकट काल के दौरान भी कोटेदारों के मनमानी के बीच असली व नकली या प्रतिनिधि कोटेदारों के बीच उलझे राशन कार्ड धारक महीनों से अंगूठा लगाकर भी राशन से महरूम हैं।
जानकारी के अनुसार प्रयागराज महानगर के नैनी क्षेत्र में पीडीए कालोनी का एक कोटेदार अभिषेक सिन्हा है जिसे आज तक किसी राशन कार्ड धारक ने नही देखा है जबकि यदा-कदा उसके कोटे पर हरीश सिन्हा, राकेश कुमार व अंकित मालवीय जैसे कई प्रतिनिधि कोटेदार मिलते रहते हैं जोकि अधिकांश राशन कार्ड धारकों का अंगूठा लगवाकर भी उन्हें राशन से महरूम रखते हैं। इस कोटेदार की दुकान प्रायः बन्द ही रहती है एवं इसकी अनेकों शिकायते की जा चुकी हैं परन्तु अपनी ऊंची पकड़ व राजनैतिक रसूख के चलते अधिकारी भी इसके आगे नतमस्तक रहते हैं।
बता दें कि पीडीए कालोनी का यह कोटा पहले कविता सिन्हा के नाम पर था परन्तु उसके मौत के बाद यह कोटा अभिषेक सिन्हा के नाम पर हो गया है लेकिन अभिषेक सिन्हा कभी भी राशन बांटने नही आता लेकिन कभी-कभार कोई हरीश सिन्हा, राकेश कुमार व अंकित मालवीय जैसे लोग प्रतिनिधि कोटेदार के तौर पर दिख जाते हैं लेकिन उनके पास कोई आई कार्ड तक नही रहता है। इस कोटे पर अधिकृत नोडल आफिसर भी अपने घर मे ही आराम फ़रमाकर राशन कार्ड धारकों को राम भरोसे छोड़ दिया है। क्षेत्र में यह बात भी सामने आई है कि तमाम परेशान कार्ड धारकों ने अपने कार्ड दूसरे कोटेदार के यहां जुड़वा लिया है। फिलहाल यह जांच का विषय है कि राष्ट्रीय खाद्यान्न गारंटी योजना लागू होने के बाद भी कोई कोटेदार किसी राशन कार्ड धारक को राशन से महरूम कैसे कर सकता है?

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