संगिनों के साए में मना मोहर्रम, डटे रहे डीएम- कप्तान, संवेदनशील कस्बा होने के चलते किया मार्ग का भ्रमण, अक्टूबर 2015 की स्थिति देख पर्याप्त बल रहा तैनात

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अजीज अहमद की रिपोर्ट
शोहरतगढ़, सिद्धार्थनगर

जिले के संवदेनशील कस्बे में शुमार शोहरतगढ़ नगर पंचायत में मंगलवार को मोहर्रम का पर्व संगिनों के साए में मनाया गया। मोहर्रम का जुलूस उठने के पहले ही डीएम दीपक मीणा व कप्तान डॉ. धर्मवीर सिंह शोहरतगढ़ में पहुंच कर जुलूस मार्ग का भ्रमण किए। बताते चले कि अक्टूबर 2015 में पुलिसिया चूक के चलते नगर में तनाव फैल गया था।

शोहरतगढ़ नगर पंचायत में मोहर्रम का पर्व सम्पन्न कराने के लिए जिले का पुलिस महकमा अलर्ट रहा। डीएम दीपक मीणा व पुलिस कप्तान डॉ. धर्मवीर सिंह सहित भारी पुलिस बल मोहर्रम का जूलूस उठने से पहले ही नगर में पहुंच गया। डीएम व कप्तान ने नगर में पहुंचने के बाद जुलूस मार्ग का भ्रमण कर लोगों से अफवाहों पर न ध्यान देने की अपील की।

जुलूस राइनी मोहल्ले से उठकर धर्मशाला, गोलघर, क्रांतिकारी हनुमान जी चौक, वापस राइनी मोहल्ला, मोतीचौक, पुलिस पीकेट होते ही सिनेमा गली के पास पहुंची। रास्ते भर लोग लाठी, बल्लम, फरसा, तलवार से करतब दिखाकर अपनी कला का प्रदर्शन किया। सिनेमा गली के पास नारा बाजी न लगने वाले प्रतिबंधित क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात रहा। जुलूस पुराना पुलिस पीकेट पार कर जाने के बाद पुलिस ने राहत की सांस ली। ताजिएदारों ने ताजिए को कर्बला पर ले जाकर दफन किया।

बताते चलें कि अक्टूबर 2015 में पुलिसिया चूक के चलते नगर में तनाव फैल गया था। जिसकी भरपाई कस्बावासियों को उठानी पड़ी थी। पूरा कस्बा 13 दिनों तक बंद रहा। बलवाईयों को पकड़ने के लिए पुलिस को नाकों चने चबाना पड़ा था। कस्बे में 13 दिनों बाद अमन बहाल हो सकी थी। जुलूस में अल्ताफ नेता, इद्रीस, वीरेंद्र तिवारी, इंसान अली आदि मौजूद रहे।

जुलूस में भीड़

बंद रहा पूरा कस्बा-
मोहर्रम पर्व के दिन कस्बे के साथ अलग- बगल के क्षेत्र पूरी तरह से बंद रहे। चाय- पान की दुकानों को छोड़ दिया जाए, तो लोग सामान खरीदने को परेशान रहे। दरअसल अमन के पर्व में अराजक तत्व कब सक्रिय होकर कस्बे की आबोहव को बिगाड़ दें, यह लोगों को दहशत बनाए रहता है।

रात्रि में सुरक्षा व्यवस्था में तैनात इंस्पेक्टर अवधेश राज सिंह

नहीं चले साधन-
मोहर्रम के दिन साधन को लेकर यात्री तरस गए। लोकल यात्रा करने के लिए खुद के साधन के सिवा कोई सहारा नहीं बन सका। सुबह से लेकर शाम तक सड़क पर सन्नाटा पसरा रहा। टैंपों व लोकल रिक्शा तक सड़क पर चलते नहीं दिखाई दिए। इसके चलते यात्रियों को काफी परेशान होना पड़ा।

करतब दिखाते तजियेदार

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