नाबार्ड वित्त पोषित RIDF योजना अन्तर्गत 48 सेतुओं के चालू कार्यों हेतु रू0 83 करोड़ 31 लाख 05 हजार की धनराशि की गयी अवमुक्त

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आर के पाण्डेय की रिपोर्ट
लखनऊ

वित्तीय वर्ष 2019-20 में नाबार्ड वित्त पोषित आर0 आई0 डी0 एफ0 योजना के अन्तर्गत स्वीकृत प्रदेश के विभिन्न जनपदों के कुल 48 सेतुओं के चालू कार्यों हेतु रू0 83 करोड़ 31 लाख 05 हजार की धनराशि शासन द्वारा अवमुक्त की गयी है। इस सम्बन्ध में उ0प्र0 शासन, लोक निर्माण अनुभाग-9 द्वारा शासनादेश जारी किया जा चुका है।
शासनादेश में प्रमुख अभियन्ता (विकास) एवं विभागाध्यक्ष, लोक निर्माण विभाग को निर्देशित किया गया है कि यह धनराशि केवल निर्धारित परियोजनाओं पर ही मानक एवं विशिष्टियों के अनुरूप व्यय की जाय। इसका उपयोग अन्य किसी प्रयोजन के लिये नहीं किया जायेगा। यह भी निर्देश दिये गये हैं कि नाबार्ड योजना के अन्तर्गत निर्माणाधीन सेतुओं की गुणवत्ता, निर्माण की प्रगति की नियमित समीक्षा कर निर्धारित समयान्तर्गत पूर्ण किया जाय तथा समीक्षा रिपोर्ट नियमित रूप से उपलब्ध करायी जाय।
इन 48 सेतुओं के सेतु अंश, लोक निर्माण अंश में अवमुक्त धनराशि के सापेक्ष पृथक-पृथक वित्तीय प्रगति सहित वास्तविक भौतिक प्रगति तथा उपयोगिता प्रमाण पत्र एवं उनके स्थलीय फोटोग्राफ शासन को उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिये गये हैं।
इन निर्माणाधीन सेतुओं में बरेली में 01, बस्ती में 02, सिद्धार्थनगर में 01, कानपुर देहात में 01, मुजफ्फरनगर में 01, प्रतापगढ़ में 02, शामली में 02, अम्बेडकर नगर में 02, अमेठी में 01, अयोध्या में 01, मैनपुरी में 01, अलीगढ़ में 01, अमरोहा में 01, बहराइच में 02, सहारनपुर में 02, मुरादाबाद में 01, बिजनौर में 02, उन्नाव में 01, देवरिया में 07, हाथरस में 01, औरैया में 01, बाराबंकी में 03, लखीमपुर-खीरी में 02, बिजनौर में 04, कानपुर नगर में 01, बलियां में 02, महाराजगंज में 01 और श्रावस्ती में 01 हैं।