वर्षा जल संरक्षण पर स्वास्थ्य विभाग की पहल, अब जिला अस्पतालों, सीएचसी और पीएचसी पर लगेंगे रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम- सिद्धार्थ नाथ सिंह

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आर के पाण्डेय की रिपोर्ट
प्रयागराज

प्रयागराज से लखनऊ जाने से पहले प्रयागराज में बताया कि 30 जून को प्रधानमन्त्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा अपने मन की बात कार्यक्रम में वर्षा जल संरक्षण के लिए आह्वान करते हुए कहा गया था कि इसे एक जन आंदोलन बनाने के लिए जोर देने की आवश्यकता है।
मा0प्रधानमंत्री के लोगों से वर्षा जल संरक्षण के आह्वान से प्रेरणा लेते हुए स्वास्थ्य विभाग अपने 174 जिला अस्पतालों, 863 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) एवं 4213 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (पीएचसी) पर वर्षा जल संरक्षण के लिए कार्य योजना तैयार करेगा।
उत्तर प्रदेश सरकार में चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री सिद्धार्थ नाथ सिंह ने कहा है कि इसमें एक चरणबद्ध एवं समयबद्ध तरीके से वर्षा जल संरक्षण की आधारिक सरंचना तैयार की जायेगी तथा रेन वाटर हार्वेस्टिंग के माध्यम से वर्षा जल को एकत्र करके उसका भूजल के रूप में भंडारण किया जाएगा। उन्होंने कहा कि ऐसे संस्थानों की संख्या ज्यादा है फिर भी वह उम्मीद करते हैं कि 1 साल के भीतर स्वास्थ्य विभाग इस कार्य को पूरा कर लेगा। कार्य योजना का खाका तैयार करने की जिम्मेदारी प्रमुख सचिव स्वास्थ्य को दी गई है जो कि शीघ्र से शीघ्र कार्ययोजना तैयार करके स्वास्थ्य मंत्री के सामने पेश करेंगे।
श्री सिंह ने बताया कि इस प्रकार वर्षा जल संरक्षण को प्रोत्साहन देकर गिरते भूजल स्तर को रोका जा सकता है। श्री सिद्धार्थ नाथ सिंह ने कहा कि यह मोदी सरकार के लक्ष्य “हर घर जल” की दिशा में एक और कदम है। स्वच्छता अभियान की तरह जल संरक्षण के लिए जागरूकता अभियान चलाये जाने की आवश्यकता है। कार्य योजना के तहत जागरूकता फैलाते हुए स्वास्थ्य विभाग इस पर काम करेगा।