अधिकारियों के शह पर अवैध संस्था चला रही अवैध शिल्प मेला, अवैध व फर्जी संस्था का पंजीकरण व नवीनीकरण तक नहीं, 01 जून 2019 से जी0आई0सी0 ग्राउंड में अनवरत संचालित है शिल्प मेला

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आर के पाण्डेय की विशेष रिपोर्ट
प्रतापगढ़

शहर के जी0आई0सी0 ग्राउंड में एक फर्जी व अवैध संस्था द्वारा कई विभागों के साथ मिलीभगत करके अवैध ड्रीमलैंड हैंडलूम व शिल्प मेला का आयोजन खुले आम चल रहा है जिसपर शिकायतों पर भी अधिकारी मूकदर्शक बने हुए हैं।
जानकारी के अनुसार मेवा लाल वर्मा एक दबंग व ऊंची राजनीतिक पकड़ का व्यक्ति है जोकि चन्दौका, दुर्गापुर, अमेठी का निवासी है जोकि अपने बेटों रामू भाई व संदीप वर्मा आदि के साथ मिलकर उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में फर्जी कागजात के आधार पर परमिशन लेटर बनवाकर अवैध शिल्प मेलों का आयोजन करता रहता है जिसमे लम्बी रकम के चक्कर मे विभागीय अधिकारी भी उसका साथ देते हैं। अब यही मेवा लाल वर्मा ने प्रतापगढ़ शहर में राजकीय इंटरमीडिएट कालेज के ग्राउंड में महिला उत्थान समिति व सियाराम टेंट हाउस के नाम से ड्रीमलैंड हैंडलूम व शिल्प मेला का आयोजन विगत 01 जून 2019 से आगामी 12 जुलाई 2019 तक के लिए किया है। दिलचस्प यह है कि उपरोक्त संस्था अभी तक सोसाइटी रजिस्ट्रेशन ऐक्ट,1860 के तहत पंजीकृत नही है व न ही इसका नवीनीकरण है तथा आयोजक संस्था के तथाकथित अध्यक्ष व प्रबन्धक आलोक चौबे, रामबाबू वर्मा व संदीप वर्मा आदि प्रबन्धकारिणी में भी नही है। इस संस्था ने मनोरंजन विभाग से भी परमीशन नही लिया है। आर0के0पाण्डेय एडवोकेट हाई कोर्ट इलाहाबाद की एक शिकायत पर लेखपाल ग्राम बेल्हाघाट की तथाकथित फर्जी रिपोर्ट 09 जून 2019 को चैलेंज करते हुए अब पुनः एक शिकायत करते हुए हल्का लेखपाल, राजस्व निरीक्षक व तहसीलदार सदर को बर्खास्त करके पूरे मामले की शिकायतकर्ता की उपस्थिति में भौतिक सत्यापन के साथ जांच की मांग करते हुए उपरोक्त संस्था के पंजीकरण व नवीनीकरण प्रमाण पत्र, नियमावली, स्मृति पत्र, प्रबन्धकारिणी लिस्ट, जीएसटी, व्यापार कर, मनोरंजन कर, आयोजन में सम्मिलित दुकानदारों का विवरण, श्रमिको व बाल श्रमिको का विवरण आदि जरिये आरटीआई ऐक्ट,2005 भी तलब किया है। उधर सूत्रों का कहना है कि सीमित समय के लिए आयोजित इन शिल्प मेलों में लाखों रुपये के काले धन के खेल के चक्कर मे विभागीय अधिकारी भी इसके आयोजन के खेल में सम्मिलित रहते हैं। शिकायतकर्ता का कहना है कि उसने सभी सम्बंधित उच्च अधिकारियों से लिखित शिकायत कर रखी है परन्तु यदि संतोषजनक कार्यवाही न हुई तो वह आगामी 01 जुलाई 2019 को इस आयोजन के खिलाफ मा0 न्यायालय में याचिका दाखिल करके इस शिल्प मेले के भ्रष्टाचार का पर्दाफाश करेंगे।

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