एस एस बी की टीम ने 637 किलोग्राम मटर के साथ एक युवक किया गिरफ्तार, तस्करी में संलिप्प है, मास्टर माइन्ड, रूट ब्रेकअप कर मंजिल तक पहुंचाई जाती है तस्करी का सामान

0
761

पंकज चौबे की रिपोर्ट
सिद्धार्थनगर

इन दिनों नेपाली सफेद मटर की तस्करी इण्डोनेपाल बार्डर के खुले मार्गो से घउ़ल्ले से हो रही है, जिसमें एस.एस.बी को कामयाबी मिली हैं। शोहरतगढ़ थानाक्षेत्र के इंडोनेपाल नेपाल बॉर्डर की 43 बटालियन की एस एस बी टीम ने 637 के जी सफेद मटर के साथ एक युवक को गिरफ्तार कर कस्टम एक्ट के तहत कार्यवाही की है।
उक्त के बारे में निरीक्षक अमरलाल सोनकरिया ने बताया कि मैं और टीम सरकारी वाहन से गस्त कर रहे थे कि इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि एक व्यक्ति ऑटो के अंदर कुछ सामान लादकर नेपाल से भारत की ओर आ रहा है। सूचना पर अमल किया तो देखा कि एक ऑटो आ रहा रहा था, जिसे रोकने का इशारा किया, किंतु वह तेज गति से आगे बढ़ा दिया, जिसे पीछा करके टैम्पो को दोईया चौराहे पर पकड़ा गया। युवक ने अपना नाम प्रदीप यादव पुत्र जमुना यादव गाँव शिवतरी, पोस्ट ढेबरुआ, सिद्धार्थनगर बताया। ऑटो के अन्दर सफेद मटर की भी बात बताई। जिसमे मटर की कीमत 31850 व टैम्पो की कीमत 90000 बताई गई। टैम्पो की नम्बर यू पी 55 टी 7223 है। उक्त मटर को कस्टम अधिनियम की धारा 11 अंतर्गत कार्यवही की गई।
जानकारों की माने तो जबसे नेपाली प्रिंटेड मटर पर एस एस बी की नजर पड़ने लगी, तो तस्कर उसका रैपर ही बदल दिए। नेपाली प्रिंटेड मटर 25 किलोग्राम का तो सफेद बैग 50 किलोग्राम का बताया जाता है। एक तस्कर ने नाम न छापने के शर्त पर बताया कि 25 किलो बोरी पर 75 रुपये मिलते है। कुल मिलाकर 3 रुपये किलो का सौदा होता है और दिन का 3000 के आसपास की इनकम हो जाती है। जानकारों का यह भी दावा है कि उसका थाना क्षेत्र का दिलीप इसका मास्टर माइण्ड है। वह बार्डर छुपके छुपाके मंजिल तक कई लोगों को जिम्मेदारी देते है, ताकि एक ही चेहरे की पहचान न हो सकें। इस दौरान आ.सा. राधेश्याम, दीपक कुमार आदि मौजूद रहें।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here