आखिर शोहरतगढ़ तहसील क्षेत्र में जमीन के बैनामे में स्टाम्प चोरी का क्या है मामला? शिकायतकर्ता ने जिलाधिकारी से शिकायत कर मांगी प्रकरण की जाँच

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पर्दाफ़ाश न्यूज़ टीम
शोहरतगढ़, सिद्धार्थनगर

शोहरतगढ़ थानाक्षेत्र के ग्राम व पोस्ट अंतरी निवासी रफीक पुत्र सलील ने शोहरतगढ़ तहसील क्षेत्र में हो रही स्टाम्प चोरी मामले को लेकर जिलाधिकारी दीपक मीणा से शिकायत की है।
एक मामले को लेकर उन्होंने जिलाधिकारी को लिखे पत्र में कहा कि शोहरतगढ़ तहसील अन्तर्गत स्थित चाँदापार उर्फ शोहरतगढ़ के गाटा 22/10-0.126 का प्रथम बार दिनांक 04.04.2016 को श्रीमती अमरी खातून पत्नी  सौदागर के नाम के नाम वर्गमीटर के हिसाब से बैनामा हुआ या यूं कहें कराया गया। दूसरी बार उसी गाँव के गाटा संख्या 22.10.-0.126 के शेष भूमि दिनाँक 16.07.2019 को दस्तावेज संख्या 3652 के अन्तर्गत श्रीमती रुबीना खातून पत्नी अब्दुल सलाम, पोस्ट बृजमनगंज का कृषि रेट से बैनामा कराया गया, जो कि नियम व विधि-विरुद्ध है। साथ उन्होंने उक्त दोनों बैनामों के जाँच की मांग की है।

वैसे स्टाम्प से संबंधित जानकारी सरकार के आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध है।

https://igrsup.gov.in/igrsup/citizenCharterNew

https://igrsup.gov.in/igrsup/citizenCharterNew

सोशल मीडिया से मिली जानकारी के मुताबिक रजिस्ट्री होने के बाद ये होना चाहिए…
– रजिस्ट्री के बाद स्थलीय निरीक्षण होना चाहिए
– दस बड़ी मालियत की रजिस्ट्री एक माह में जिलाधिकारी के पास मूल्यांकन व स्थलीय जांच के लिए भेजी जाती है।
– 15 बैनामा अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व को भेजे जाने चाहिए
– 20 बैनामा एआईजी स्टाम्प को भेजे जाने चाहिए
– 25 बैनामों का स्वयं सब रजिस्ट्रार को स्थलीय निरीक्षण करना होता है

सौदेबाजी के बैनामों की नहीं होती जांच, असल में हो ये रहा है कि बड़ी रजिस्ट्रियों में सौदेबाजी कर सब रजिस्ट्रार और एआईजी स्टाम्प स्थलीय निरीक्षण के लिए न तो जिलाधिकारी के पास भेजते हैं और न ही अपर जिलाधिकारी के पास भेजते हैं। स्वयं स्थलीय निरीक्षण भी नहीं करते हैं। जब शिकायत होती है तो स्टाम्प कमी की रिपोर्ट अचानक भेज दी जाती है। इससे सरकार को करोड़ों रुपये की हानि हो रही है।