शोहरतगढ़ चैयरमैन प्रतिनिधि सुभाष गुप्ता की दिल्ली के एम्स हॉस्पिटल में इलाज के दौरान मौत, मौत से शोहरतगढ़ में मचा कोहराम, हियुवा व भाजपा कार्यकर्ताओं में शोक की लहर

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● मुख्यमंत्री के करीबी रहे हियुवा नेता सुभाष गुप्ता, उनके मौत से टूटा हिन्दू युवा वाहिनी संगठन की रीढ़

● 3 बार से लगातार शोहरतगढ़ नगर पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि की कमान सम्भाल रहे थे सुभाष गुप्ता

● सुभाष गुप्ता की कमी को पूरा नही किया जा सकता- सांसद जगदम्बिका पाल

● व्यक्तिगत व्यवहार के धनी थे चैयरमैन प्रतिनिधि सुभाष गुप्ता- जमील सिद्दीकी

श्रवण कुमार पटवा
शोहरतगढ, सिद्धार्थनगर

शोहरतगढ़ नगर पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि हियुवा सुभाष गुप्ता की दिल्ली के एम्स हास्पिटल में इलाज के दौरान हुई मौत की सूचना ने शोहरतगढ़ में कोहराम मचा दिया। घटना की सूचना पर सांसद जगदम्बिका पाल, भाजपा जिला अध्यक्ष गोविन्द माधव, क्षेत्रीय मंत्री शिवनाथ चौधरी, हियुवा जिला अध्यक्ष रमेश गुप्ता, सदर विधायक श्यामधनी राही के परिजन सत्य प्रकाश राही, सिद्धार्थ चौधरी, उग्रसेन प्रताप सिंह, हियुवा के अजय सिंह, सांसद प्रभारी सूर्यप्रकाश पाण्डेय, समाजसेवी नितेश मित्तल, शिवशक्ति शर्मा, अनिल अग्रहरि, सुनील अग्रहरी, एस०पी० अग्रवाल, रामपाल सिंह, डब्लू सिंह सहित सैकड़ों लोग हियुवा नेता सुभाष गुप्ता के घर आकर शोक संवेदना प्रकट की और कहा कि इस विपदा की घड़ी में हम शोकाकुल परिवार के साथ हैं।

इस दौरान सांसद जगदम्बिका पाल ने कहा कि सुभाष गुप्ता कार्यकर्ताओं की रीढ़ रहें। इनकी कमी को पूरा नहीं किया जा सकता। इसी क्रम में भाजपा जिला अध्यक्ष गोविन्द माधव ने भी सुभाष गुप्ता के परिजनों के प्रति सहानुभूति प्रकट की व उनके साथ बिताए पल को याद किये। सपा नेता जमील सिद्दीकी ने कहा कि पार्टी लेवल पर वे कुछ भी रहे लेकिन चैयरमैन प्रतिनिधि सुभाष गुप्ता व्यक्तिगत व्यवहार के धनी थे, उनकी जगह कोई नही ले पायेगा। सपा नेता उग्रसेन सिंह ने भी घटना पर शोक संवेदना प्रकट की। इसी क्रम में हिन्दू युवा वाहिनी के जिला अध्यक्ष रमेश गुप्ता ने कहा कि पूरे घटना की जांच होनी चाहिए, क्योंकि दुर्घटना सामान्य नहीं है।

यह भी बताते चले कि हियुवा नेता सुभाष गुप्ता किसी परिचय के मोहताज नहीं थे। पूर्वांचल के कई जिलों में उनकी अच्छी छवि रहीं। अन्य पार्टियों के लोगों से भी उनका अच्छा तालमेल रहा, यही कारण रहा की एक हिन्दूवादी नेता के रूप में उनकी छवि जानी जाती थी। तत्कालीन सांसद व वर्तमान के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी उन्हें संगठन के हनुमान की संज्ञा दी थीं, सांसद रहते हुए जब भी योगी आदित्यनाथ जी का जाना बलरामपुर जनपद के देवी पाटन मंदिर( मठ) में जाना होता था तो, गोरखपुर व तुलसीपुर के बीच में सुभाष गुप्ता के घर उनका अक्सर रुकना होता था। योगी आदित्यनाथ के करीबी और हियुवा के कद्दावर नेता व कर्मठ कार्यकर्ता होने के नाते उन्हें हियुवा देवी पाटन मंडल का प्रभारी बनाया था। समाज में अच्छी छवि व लोकप्रियता के कारण तीन बार से लगातार नगर पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि के रूप में कमान संभाल रहें थे। इस दौरान प्रदेश में सपा और बसपा की भी सरकार रही, लेकिन गैर भाजपाई भी उनके चाहने वाले थे।

बतातें चले कि कोरोना काल में जब कोई घर से बाहर निकलना नहीं चाहता था, तब नगर पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि के रूप में उन्होंने कस्बा सहित क्षेत्र के नीबीदोहनी, छतहरी, छतहरा, मेढवा, नरायनपुर, गडाकुल आदि के पात्र और असहाय लोगों की मदद की थी। इस दौरान परिवार सहित अन्य समर्थक भी कोरोना संक्रमित हो गये थे। इलाज के दौरान वे सकुशल घर लौटे। घटना की सूचना मिलते ही शोहरतगढ कस्बे में कोहराम मच गया। हर किसी कि आंखे नम थी। हियुवा नेता सुभाष गुप्ता की मौत से तीन भाई भोलानाथ, दिनेश, अखिलेश और उनके उनके पुत्र अमित, सौरभ व अंकित व पुत्री पिंकी के सर से पिता का साया उठ गया। पत्नी श्रीमती बबिता कसौधन (नगर पंचायत अध्यक्ष) सहित परिजनों का रो रो कर बुरा हाल है।

विदित हो कि 14 दिसम्बर यानी मंगलवार को दिल्ली से सटे उत्तर प्रदेश के गौतमबुद्धनगर जिले में यमुना एक्सप्रेस-वे पर हियुवा नेता सुभाष गुप्ता की स्कॉर्पियो (यूपी-55-एक्स-0111) आगरा से नोएडा जा रही थी, इसी बीच ग्रेटर नोएडा में यमुना एक्सप्रेस-वे पर रामपुर बांगर पुल के पास नोएडा की तरफ से आ रहें अनियंत्रित डंफर (एचआर-55-डब्लू-2474) ने डिवाइडर तोड़कर शोहरतगढ़ चैयरमैन प्रतिनिधि हियुवा नेता सुभाष गुप्ता के स्कॉर्पियो को सीधी टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि स्कॉर्पियो बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई, जिसमें शोहरतगढ़ चैयरमैन पुत्री रिंकी (25 साल) पुत्री सुभाष गुप्ता, अनीता (35 साल) पत्नी दिनेश और ड्राइवर पवन दुबे (35 साल) की घटना स्थल पर ही मौत हो गयी, जबकि रिंकी गुप्ता के पिता चैयरमैन प्रतिनिधि हियुवा सुभाष गुप्ता (55 साल) और सुमन (22 साल) पुत्री भोलानाथ गुप्ता को जेवर पुलिस की मदद से स्कॉर्पियो से बाहर निकाला गया। आनन फानन में उन्हें निकट के कैलाश अस्पताल में भर्ती कराया गया था। घटना के कुछ दिनों बाद हियुवा नेता सुभाष गुप्ता को दिल्ली के एम्स हास्पिटल में भर्ती कराया गया। जहाँ उनका इलाज चल रहा था, कि अचानक मंगलवार की दोपहर इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।