पात्र गरीबों को आवास न मिल पाने व ग्राम प्रधानों की सम्पत्ति की जांच करके रिपोर्ट जनता को सौंपे सरकार —आर के पाण्डेय एडवोकेट।

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निर्धन बेसहारों को पीएम आवास योजना का लाभ न मिलने की उच्च स्तरीय निष्पक्ष जांच हो —आर के पाण्डेय।

पर्दाफ़ाश न्यूज।
—2011 से पूर्व तक के स्थायी निवासी गरीबों का आवास से वंचित रहना दुर्भाग्यपूर्ण।
—-ग्राम प्रधानों के चल-अचल संपत्ति की जांच आवश्यक।
नैनी, प्रयागराज, 29 दिसम्बर 2020। वरिष्ठ समाजसेवी अधिवक्ता आर के पाण्डेय ने उत्तर प्रदेश सरकार से मांग की है कि वह प्रदेश में 2011 व उसके पूर्व से बतौर स्थाई निवासी निर्धन व बेसहारों को पक्का आवास न मिलने की उच्च स्तरीय जांच के साथ सभी ग्राम प्रधानों के चल-अचल की सम्पत्ति की भी निष्पक्ष जांच कराकर रिपोर्ट जनता के सामने प्रस्तुत करे जिससे जनता अपने प्रतिनिधि की हकीकत से रूबरू हो सके व वर्तमान सरकार के भ्रष्टाचार के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस का दावा सही साबित हो।
जानकारी के अनुसार अक्टूबर 2019 से फरवरी 2020 के बीच हाई कोर्ट इलाहाबाद के अधिवक्ता आर के पाण्डेय ने सामाजिक संस्था पीडब्ल्यूएस के संज्ञान में निर्धन बेसहारा आवास विहीन लोगों द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर उत्तर प्रदेश के अधिकांश एसडीएम, डीडीओ, डीएम व मुख्य सचिव उ0प्र0 को भेजे शिकायती पत्रों में उन पात्र परिवारों को पक्का आवास देने का मुद्दा उठाया था तथा बाद में अधिकांश एसडीएम से इस प्रकरण में कृत कार्यवाही की सूचना भी जरिये आरटीआई मांगी थी जिसमें अधिकतर एसडीएम सूचना देने में असमर्थ रहे थे। पीडब्ल्यूएस के प्रबंधक आर के पाण्डेय एडवोकेट ने इस बार फिर यह मुद्दा उठाते हुए सवाल किया है कि जब 2011 व उसके पहले से बतौर स्थाई निवासी व वोटर यह निर्धन, बेसहारा, पक्के आवास विहीन लोग अपने ग्राम पंचायत में रह रहे हैं तो पात्र होने के बावजूद उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत पक्का आवास क्यों नही दिया गया है जबकि अधिकांश ग्राम पंचायतों में अपात्र लोगों को यही आवास दिए गए हैं। आर के पाण्डेय ने यह भी पूछा कि आखिर चुनाव जीतने के बाद अधिकांश ग्राम प्रधानों के पास अकूत धन में बेशुमार इजाफा किस जादू से हो जाता है। आर के पाण्डेय का दावा है कि यदि सरकार निष्पक्ष तरीके से पीएम आवास योजना-ग्रामीण, शौचालय, उनके लिए पात्रता व ग्राम प्रधानों की चल-अचल संपत्ति की उच्च स्तरीय जांच कैमरे के सामने करा दे तो न सिर्फ पात्र परिवारों को उनका हक मिल जाएगा वरन अनगिनत ग्राम प्रधान, ग्राम रोजगार सेवक, सेक्रेटरी व वीडीओ तक जेल में पहुंच सकते हैं तथा वर्तमान सरकार में जनता का अटूट विश्वास बढ़ेगा जिसके बाद अगले पांच दशकों तक यही सरकार सत्तारूढ़ रहेगी।

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