तीन हजार रूपये सुविधा शुल्क लेने के बाद भी क्षेत्रीय लेखपाल ने नही किया वरासत, तो पीड़ित महिला ने नवागत शोहरतगढ़ तहसीलदार से लगाई न्याय की गुहार

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● 3 हजार रुपये सुविधा शुल्क देने के बाद नही हुआ वरासत…… का वीडियो सोसल मीडिया पर वायरल

पर्दाफ़ाश न्यूज़ टीम
शोहरतगढ, सिद्धार्थनगर

शोहरतगढ तहसील क्षेत्र में सीमा विस्तारित क्षेत्र छतहरा गांव में वरासत के नाम पर लेखपाल द्वारा अवैध रूप से तीन हजार रूपये वरासत के नाम पर ग्रामीण महिला से वसूलने का मामला प्रकाश में आया है, जिससे प्रशासन से शासन तक सवालों के घेरे में आ गया है।

जानकारी के मुताबिक शोहररतगढ तहसील में एक जमाने से कागजात के नाम पर ग्रामीणों से अवैध वसूली चलता आ रहा है। बसपा के बाद सपा, सपा के बाद बीजेपी पूर्ण बहुमत के बाद सरकार में आई लेकिन लेखपालो पर अंकुश लगाने की कोशिश किसी सरकार ने नहीं किया। जिसका खमियाजा ग्रामीणों को भुगतना पड़ रहा है।

ताजा मामला छतहरा गांव का है। ग्रामीण महिला सुमन ने आरोप लगाया है कि राम मिलन लेखपाल ने उससे तीन हजार रुपये अपने सास ससुर की जमीन खेत वारिसों के नाम से वरासत करने के नाम पर साल भर पहले ही ले लिया है। लेकिन वरासत बना कर नहीं दे रहे हैं। बार बुलाकर हीलाहवाली करते हैं। ये एक मामला तो सिर्फ बानगी है । इस तरह के सैकड़ों किसान अपनी जमीन की वरासत, खसरा, आय, जाति, निवास प्रमाण पत्र के लिए तहसील कार्यालय के चक्कर लगाने पर मजबूर दिखाई पडते हैं।

उस के संदर्भ में संदर्भ में तहसीलदार धर्मवीर भारती ने बताया कि प्रकरण संज्ञान में है जांच के आधार पर निश्चित रूप से कार्रवाई होगी वैसे मैंने महिला और संबंधित लेखपाल को अपने चेंबर में बुलाया है जांच कर महिला का बारासत किया जाएगा।