… आखिरकार शोहरतगढ़ पुलिस को मुकदमा लिखना ही पड़ा, 20 सितम्बर को दिए गए प्रार्थना पत्र पर अब तक क्या रही थी पुलिस, जबकि पूर्व विधानसभा अध्यक्ष व भाजपा जिलाध्यक्ष सहित अन्य दलों के दर्जनों दिग्गज नेताओं व पदाधिकारियों सहित अधिकारियों ने बोहली काण्ड पर व्यक्त की थी शोक संवेदना, दी थी सांत्वना

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पर्दाफ़ाश न्यूज़ टीम
शोहरतगढ़, सिद्धार्थनगर

देर शाम ही सही, लेकिन बुधवार को पुलिस अधीक्षक राम अभिलाष त्रिपाठी के निर्देश पर थानाक्षेत्र के बोहली दीपक दूबे हत्याकांड में आखिरकार शोहरतगढ़ पुलिस के मुकदमा लिखना ही पड़ा।

बताते चले कि 17 सितम्बर 20 की रात 11 बजे दीपक दूबे के साथ परिजन सोने के लिए चले गए और वह रात में ढ़ाई बजे वह अपने बिस्तर पर नही मिला। 18 सितंबर की सुबह गाँव के उत्तर दिशा में स्थित तालाब में उसकी लाश मिली,उसकी दोनों आंखों में नुकीली वस्तु से गोदा गया था। जिसे देखने पर ही लगा रहा था कि इसकी निर्ममता पूर्वक हत्या की गई है। जिसकी तहरीर मृतक के पिता दुःखरन दूबे ने शोहरतगढ़ थाने पर दे दी।

बोहली हत्याकाण्ड के बाद पूर्व विधानसभा अध्यक्ष माता प्रसाद पाण्डेय,भाजपा जिलाध्यक्ष गोविन्द माधव सहित अन्य दलों के दिग्गत नेता उग्रसेन सिंह,ब्राह्मण महासभा के राष्ट्रीय महासचिव श्याम नारायण चौबे,जिलाध्यक्ष रामकृष्ण पाण्डेय आदि कई जनप्रतिनिधियों ने मृतक के पिता को न्याय के लिए भरोसा दिलाया। फिर भी शोहरतगढ़ पुलिस मुकदमा न दर्ज कर केवल जाँच में जुटी रही।पुलिसिया लापरवाही से नाराज होकर 22 सितम्बर को ही अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा (रा.) जिलाध्यक्ष पं.रामकृष्ण पाण्डेय ने अपने सहयोगियों के साथ प्रकरण का खुलासा करने व दोषियों के खिलाफ कार्यवाही की मांग की। अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा के राष्ट्रीय महासचिव पं. श्याम नारायण चौबे के अगुवाई में अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा (रा.) द्वारा शोहरतगढ़ थाने का घेराव करने सम्बन्धी पोस्ट सोशल मीडिया पर वायरल हुई।

विदित हो कि सोशल मीडिया पर चर्चा यह भी रही कि पीएम रिपोर्ट उसकी मौत तालाब में डूबकर हुई है, तो सवाल यह है अगर उसकी मौत तालाब में डूबने से हुई थी तो फिर उसकी दोनों आंख किसने फोड़ी? क्या अपराधी इतने खूंखार थे कि मानवता की सारी हदें पार कर दिया और किसी मरे हुए व्यक्ति के मरने के बाद भी उसकी दोनों आंख नहीं छोड़ा, मौत के बाद भी खूनी खेल खेला गया…।

पीड़ित परिवार का फरियाद जारी था, पीड़ित को न्याय दिलाने व पीड़ित परिजनों से मिलने के लिए बुधवार को हियुवा देवी पाटन मंडल प्रभारी सुभाष गुप्ता, हियुवा जिला महामंत्री अजय सिंह बोहली गांव में पहुँचे जहाँ दीपक दूबे की निर्ममता पूर्वक हत्या कर दी गयी थी। पूरे प्रकरण को सुनने के बाद हियुवा सुभाष गुप्ता ने प्रकरण को पुलिस अधीक्षक से अवगत कराते हुए कहा,- “पुलिस अधीक्षक महोदय आप मौके पर आकर स्वयं घटना स्थल देख ले।” फ़ोनवार्ता के बाद करीब एक घंटे के अंदर जनपद के ऊर्जावान पुलिस अधीक्षक राम अभिलाष त्रिपाठी, अपरपुलिस अधीक्षक मायाराम वर्मा, उपजिलाधिकारी अनिल कुमार, क्षेत्राधिकारी राणा महेंद्र प्रताप सिंह, तहसीलदार राजेश कुमार अग्रवाल, प्रभारी निरीक्षक रामअशीष यादव, खण्ड विकास अधिकारी सतीश कुमार सिंह सहित समाजसेवी अनिल अग्रहरि, रविअग्रवाल, प्रभात तिवारी, मनोज तिवारी, रविशुक्ल, मयंक शुक्ल, रामचन्द्र शुक्ल आदि घटना स्थल पहुँच गए। तब जाकर शोहरतगढ़ पुलिस बोहली दीपक_दूबे हत्याकाण्ड में दो नामजद व चार अज्ञात के विरुद्ध मुकदमा दर्ज करने को मजबूर हुई।

20 सितम्बर को दिए गए प्रार्थना पत्र पर जब 23 सितम्बर को पुलिस अधीक्षक के दखल के बाद मुकदमा दर्ज हुआ, तो लोगों ने शोहरतगढ़ पुलिस पर सवाल उठाने शुरू कर दिए और उनका सवाल बनता भी है कि, क्या बोहली हत्याकाण्ड में शोहरतगढ़ पुलिस सरदर्द नही लेना चाह रही थी या शोहरतगढ़ पुलिस फ़ाइल को ही बंद करना चाह रही थी। सबसे बड़ा सवाल है? और सवाल यह भी है जब 3 दिन बाद शोहरतगढ़ पुलिस तहरीर के आधार पर मुकदमा लिखी है तो आखिर दोषियों को सजा कब तक दे पाएगी?