तहसील प्रशासन ने आस्थाई गौशाला निर्माण के लिए खलिहाल भूमि का कराया सीमांकन, दुर्घटनाओं को रोकने के लिए गौशाला निर्माण पर किया गया चर्चा

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● ग्राम समाज के 14 बीघे की खलिहान जमीन पर ठेकेदार ने मटेरियल रखकर पसारे थे पाव, निर्माण के दौरान उपकरण फेंकते थे जहरीला धूआँ, मटेरियल हटने से ग्रामीणों को मिलेगा सकून

● शिकायत का भी नही रह असर, स्थानीय नेताओं का मिला था संरक्षण

पर्दाफाश न्यूज़ टीम
शोहरतगढ़ सिद्धार्थनगर

सरकार कितना भी दावा करे कि हम ग्राम समाज की भूमि पर किसी प्रकार का अवैध कब्जा या निर्माण नही होने देंगे, लेकिन विभागीय चूप्पी और छुटभैया नेताओं के संरक्षण के कारण आंशिक ही सही, कब्जा हो ही जाता है। किसान लाख विरोध करना चाहे तो भी कर नहीं पाते क्योंकि उसकी पकड़ इतनी मजबूत नहीं होती कि वे छुटभैया नेताओं की गर्दन को पकड़ सके, इसलिए धीरे धीरे स्थानीय नेताओं के संरक्षण में भूमाफियाओं का कब्जा हो ही जाता है। भूमाफियाओं के ग्राम समाज की भूमि क़ब्जियाने की ऐसी कहानी तो आपको जनपद में बहुत मिल जाएगी। लेकिन कहते है समय का पहिया बड़ा बलवान होता है, जब चलता है तो फिर किसी की भी नही चलती।

ऐसी कहानियों में से एक ऐसी कहानी का पर्दाफाश तब हुआ जब शोहरतगढ़ तहसील प्रशासन गायों के रहने के लिए अस्थाई गौशाला के लिए जमीन खोज रही थी। तहसील प्रशासन को नीबी दोहनी ग्राम सभा स्थिति नीबी तप्पा बारहों के गाटा संख्या 231, रक़बा 1.7600 यानी 13.968254 बीघा (14 बीघा) नजर आयी और उसका सीमांकन करने पहुँच गयी। रविवार को तहसील प्रशासन के नायब तहसीलदार अवधेश कुमार राय की अगुवाई में हल्का लेखपाल रामकुमार तिवारी व हल्का राजस्व निरीक्षक मिठाई लाल प्रजापति द्वारा नीबी दोहनी के ग्राम समाज भूमि खलिहान के जमीन का सीमांकन कराया गया। जिसमें ग्राम समाज के खलिहान की भूमि पर ग्राम पंचायत से से सीसी रोड का निर्माण होना पाया गया। खैर तहसील प्रशासन ने नगर पंचायत प्रशासन के सहयोग से आस्थाई गौशाला निर्माण के लिए जमीन खोज ली है और ठेकेदार को नोटिस भेजने की तैयार में है।

बताते चलेगी इसी ग्राम समाज के खलिहाल की भूमि पर पीडब्ल्यूडी विभाग रोड के निर्माण का ठेका लिए बस्ती के ठेकेदार का मटेरियल व रोड बनाने का उपकरण करीब डेढ़ साल से अधिक समय से ग्राम समाज की भूमि पर अपना पांव पसारे हुए हैं। बहरहाल कुछ दिन पहले ग्राम समाज के लोगों ने दबी जुबां से से विरोध करना चाहा लेकिन उनकी आवाज को चुप करा दिया गया और मामला धीरे-धीरे ठंढे बस्ते में चला गया। लेकिन जब तहसील प्रशासन को जमीन की आवश्यकता पड़ी तो तहसील प्रशासन ने अपनी जमीन को खोजना शुरू कर दिया। पैमाइश के दौरान अवैध तरीके से सड़क के निर्माण की बात भी बताई गई। इसके साथ ही खलिहान की भूमि में पंचायत भवन व आंगनबाड़ी भवन का निर्माण होना भी बताया गया है। यह भी बताते चले कि एनएच-730 मार्ग पर गायों का कब्जा है। गाये शोहरतगढ़ कस्बे सहित बानगंगा पुल को अपना आशियाना बना लेते है, जिसको लेकर कभी गायों के साथ तो कभी वाहन चालकों के साथ दुर्घटना होती रहती है। जिसके बचाव के लिए नगर पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि सुभाष गुप्ता व तहसील प्रशासन द्वारा आस्थाई गौशाला के निर्माण पर चर्चा करना ही पड़ा।

इस दौरान हल्का लेखपाल रामकुमार तिवारी ने कहा कि यह ग्राम सभा के के खलिहान की जमीन है जिसका सीमांकन नायब तहसीलदार अवधेश अवधेश कुमार राय की उपस्थिति में कानून-गो मिठाई लाल प्रजापति द्वारा किया गया है और इस पर अस्थाई गौशाला निर्माण निर्माण की चर्चा चल रही है। गाएं सड़कों पर घूमती हैं जिससे आए दिन उनके साथ दुर्घटना होती रहती है, जिसका संज्ञान लेकर तहसील व नगर पंचायत प्रशासन द्वारा यह निर्णय लिया जा रहा है। गाय यहां रहेंगे तो अधिक सुरक्षित रहेंगे इसके साथ-साथ किसान के फसलों फसलों किसान के फसलों इसके साथ-साथ किसान के फसलों फसलों का नुकसान भी कम होगा। रोड निर्माण के ठेकेदार द्वारा बिना परमिशन के रखे गए मटेरियल (गिट्टी बालू आदि) को लेकर कहा कि यही वे सामान बिना परमिशन के रखा गया है, तो उनके खिलाफ कार्यवाही होगी।

इस दौरान नायब तहसील अवधेश कुमार राय, राजस्व निरीक्षक मिठाई लाल प्रजापति, लेखपाल रामकुमार तिवारी, एस आई रमाशंकर मिश्रा, लिपिक जगदम्बा प्रसाद तिवारी, नगर पंचायत के छोटू निगम, मलखान वरुण, गाँव के डॉ  राम चंद्र चौधरी, अम्बर साहनी, प्रभुराम ओझा, राजेश कुमार गुप्ता सहित दर्जनों लोग मौजूद रहे।