अंजुमन इदरीसिया द्वारा मौलाना अबुल कलाम आज़ाद” शिक्षण केंद्र की गोरखपुर में हुई शुरुआत

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अजीज अहमद की रिपोर्ट
गोरखपुर

टीचर्स डे के दिन सामाजिक संस्था अंजुमन इदरीसिया के यूनिट करमैनी (कौथलिया) गोरखपुर द्वारा शिक्षा को बढ़ावा देने के लिये “मौलाना अबुल कलाम आज़ाद” शिक्षण केंद्र की शुरुआत की गई।

कुरान करीम की पहली आयत जो हुजूर सल्लल्लाहो वसल्लम पर नाजिल हुई वो थी “इक़रअ बिस्मि रब्बिकल लज़ी खलक” अपने परवरदिगार के नाम से पढ़िए जिस ने (सब कुछ) पैदा किया है, “अल्लज़ी अल्मा बिल क़लम” जिसने क़लम के ज़रिये तालीम दी।

अफ़सोस है कि तालीम तरक़्क़ी में हम पीछे हो गये, जिस क़ौम का आगाज़ “इक़रा” से हुआ।अल्लाह सुब्हानहु ताला ने क़ुरान करीम में पढ़ने पर कितनी तवज्जो दी है, जो लोग भूल गये।हर मुसलमान पर इल्म हासिल करना फ़र्ज़ है (सही मुस्लिम) 05 सितंबर टीचर्स डे जो देश के दूसरे राष्ट्रपति रहे भारत रत्न डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन जी के जन्मदिन के अवसर वर्ष 1962 से मनाया जा रहा है, डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन जी का कहना था कि-
“शिक्षा के द्वारा ही मानव मस्तिष्क का सदुपयोग किया जा सकता है,अतः विश्व को एक ही इकाई मानकर शिक्षा का प्रबंधन करना चाहिए।सामाजिक संस्था अंजुमन इदरीसिया ने अपनी स्थापना के में 50 वर्ष पूरा होने पर कोरोना महामारी के चलते बंद चल रहे सभी विद्यालय को देखते हुए ग्रामीण अंचल में ऑनलाइन शिक्षा हेतु सुचारु व्यवस्था न होने के कारण प्रधानमंत्री के आत्मनिर्भर भारत निर्माण के आवाहन से प्रेरित होकर ग्रामीण स्तर पर देश के पहले शिक्षा मंत्री मौलाना अबुल कलाम आजाद के नाम पर शिक्षा केन्द्र प्रारम्भ करने का निर्णय लिया है।जिससे कि ग्रामीण स्तर पर बच्चो को सरकार के दिशा निर्देशों का पालन करते हुए शिक्षा देने की व्यवस्था की जा सके।भारत के पहले शिक्षा मंत्री मौलाना अबुल कलाम आज़ाद के नाम से आत्मनिर्भर शिक्षा कार्यक्रम के लिये तंज़ीम के सरपरस्त हाजी शमशाद अहमद इदरीसी साहब, फ़ख़्र ए क़ौम हाजी मो नफ़ीस इदरीसी साहब, तंज़ीम के उ प्र के सदर और शिक्षाविद जनाब नूर इदरीसी साहब ,खजांची हाजी हफीजुद्दीन साहब , हाजी अकबर अली इदरीसी (सऊदी अरब) और टीचर मो अतीक इदरीसी ने ख़ादिम इं अहमद मुबीन इदरीसी की इस तजवीज़ पर लब्बेक कहा और इस काम को आगे बढ़ाने के लिये हरी झंडी दे दी है।

इस पायलट प्रोजेक्ट के लिये संस्था के संगठन मंत्री जनाब रब्बुल हसन इदरीसी साहब की मदद से उनके पैतृक गाँव कैथवलिया-गोरखपुर से टीचर्स डे के दिन ये शुरुआत की गई है। जनाब रब्बुल हसन इदरीसी साहब के बेटे माजिद इदरीसी और उनकी वालिदा ने मेहनत करके इस नेक काम का आगाज़ करवाया। इस मौके पर तंज़ीम के ज़िम्मेदार कारी याक़ूब बरकाती इदरीसी, प्रांतीय मीडिया प्रभारी मो रफीक़ इदरीसी व अब्दुल मन्नान इदरीसी ने कहा कि 21 सितंबर के बाद गोरखपुर और आसपास के क्षेत्र में इस तरह के अन्य शिक्षा केंद्र प्रारम्भ करने का प्रयास किया जायेगा।हाफ़िज़ रिज़वान साहब ने क़ुरान पाक की तिलावत के साथ बच्चो को क़ुरान की तालीम देकर इस नेक काम की शुरुआत कराई। इसके बाद संगठन मंत्री रब्बुल हसन इदरीसी साहब के बेटे माजिद इदरीसी ने बच्चों को हिंदी, अंग्रेज़ी व गणित की शिक्षा दी।

अंजुमन के प्रांतीय अध्यक्ष उ प्र जनाब नूर इदरीसी साहब ने कहा कि “ज़रूरी नही कि रोशनी चरागों से ही हो, तालीम से भी घर रोशन होता है।”तंज़ीम के दिल्ली प्रदेश के कोषाध्यक्ष हाजी मो इसरार साहब ने कहा कि इस तरह के शिक्षा के कामों से समाज का पूर्ण विकास सम्भव है। तंज़ीम के राष्ट्रीय संयोजक इं अहमद मुबीन इदरीसी ने कहा कि”इल्म में भी सुरूर है लेकिन,ये वो जन्नत है जिसमें हूर नही होती।”