सड़कों को खोजकर चलना बवाल-ए-जान, गड्ढा में सड़क या सड़क में गड्ढा बताना है मुश्किल

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आर के पाण्डेय की रिपोर्ट
पट्टी, प्रतापगढ़

उत्तर प्रदेश के वर्तमान सरकार के मुखिया के 03 महीने में गड्ढामुक्त सड़कों की घोषणा 03 साल में भी हवा-हवाई ही साबित हुआ है जिसका प्रत्यक्ष प्रमाण सरकार में मंत्री के इलाके से भी देखा जा सकता है जहां लोग जान जोखिम में डालकर बाजार जाने को मजबूर हैं।

बता दें कि प्रतापगढ़ के पट्टी विधान सभा के विधायक मोती सिंह वर्तमान यूपी सरकार में कद्दावर मंत्री हैं परंतु खुद उनके इलाके में तातो मुरैनी रोड नहर से आशापुर नरायनपुर की सड़क विगत 30 वर्षों से पूरी तरह ध्वस्त व जलाशयी गड्ढा में तब्दील है। हालात इतने खराब हैं कि गड्ढा में सड़क या सड़क में गड्ढा है यह बताना भी मुश्किल है फिलहाल लोग जान जोखिम में डालकर बाजार जाने को मजबूर हैं। इस क्षेत्र में सड़कों को खोजकर उनपर चलना भी बवाल-ए-जान है। स्थानीय जनता भी यह मान चुकी है कि रामराज्य का सपना दिखाने वाली सरकार में सबकुछ राम भरोसे ही है। बहरहाल बड़ा सवाल यह है कि वर्तमान यूपी सरकार के मुखिया की 03 महीने में गड्ढामुक्त सड़कों की घोषणा 03 साल में पूरी नही हुई तो आगे और कितना इंतजार करना होगा?