व्यक्तिव विशेष- समाजसेवी प.विजय कुमार त्रिपाठी

0
352

व्यक्तित्व विशेष- समाजसेवी प.विजय कुमार त्रिपाठी

पर्दाफाश न्यूज टीम, जौनपुर। —विकलांगता के बावजूद आत्मनिर्भरता के साथ समाजसेवा का लिया व्रत। —भ्रष्टाचारमुक्त भारत निर्माण एकमात्र सपना। जौनपुर। एनजीओ परमेंदु वेलफेयर सोसाइटी से जुड़े समाजसेवी प.विजय कुमार त्रिपाठी एक अनुकरणीय व्यक्तित्व के धनी व्यक्ति हैं जिन्होंने पैर की विकलांगता के बावजूद न सिर्फ स्वयं को आत्मनिर्भर बनाया बल्कि आजीवन समाजसेवा का व्रत लेकर भ्रष्टाचारमुक्त भारत निर्माण में अपना योगदान दे रहे हैं।
समाजसेवी प.विजय कुमार त्रिपाठी उत्तर प्रदेश के जौनपुर जनपद अंतर्गत सुजानपुर के निवासी हैं व अपने पैर से विकलांग हैं ऊपर से अधिकारियों व विभागों में व्याप्त भ्रष्टाचार के कारण उन्हें किसी सरकारी योजना का लाभ नही मिला। यहां तक कि पड़ोसियों व पट्टीदारों के उपेक्षा का भी इन्हें शिकार होना पड़ा। प. विजय कुमार त्रिपाठी ने स्नातक के साथ बी.एड., टीईटी की डिग्री ली है तथा स्वाध्याय से ज्योतिष का भी ज्ञान अर्जित किया है। मा.सुप्रीम कोर्ट में बी.एड., टीईटी के मुकदमे के दौरान वह एनजीओ परमेंदु वेलफेयर सोसाइटी के संस्थापक प्रबन्धक आर के पाण्डेय एडवोकेट से मिलने व प्रभावित होने के बाद विजय जी ने भ्रष्टाचारमुक्त भारत निर्माण का संकल्प लिया व लोगों को ज्योतिष की जानकारी देने के साथ समाजसेवा करते हुए जनहित व राष्ट्रहित में नवयुवकों को प्रेरित करते रहते हैं। विजय जी के घरेलू खर्च का एकमात्र साधन कुछ घरेलू ट्यूशन था जोकि आज कोरोना संकट कालीन लॉक डाउन में पूरी तरह बंद है फिर भी अपने अंश से वह जरूरतमंदों की सेवा को समर्पित रहते हैं। प.विजय कुमार त्रिपाठी का एकमात्र सपना भ्रष्टाचारमुक्त भारत निर्माण है। पीडब्ल्यूएस परिवार व ब्राह्मण योद्धा फाउंडेशन जैसी कई संस्थाओं द्वारा विजय जी को कोरोना योद्धा सम्मान पत्र देकर सम्मानित भी किया जा चुका है। समाजसेवी प.विजय कुमार त्रिपाठी जी का संघर्षपूर्ण परन्तु आत्मनिर्भर समाजसेवी जीवन हम सबके लिए अनुकरणीय है।