2.90 लाख बच्चों को पिलाई जाएगी विटामिन ‘ए’ की खुराक, 13 अगस्त से 13 सितम्बर तक मनेगा बाल स्वास्थ्य पोषण माह, नियमित टीकाकरण सत्र में लगेगा निमोनिया का टीका

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अरविन्द कुमार द्विवेदी कि रिपोर्ट
सिद्धार्थनगर

बाल स्वास्थ्य पोषण माह के तहत जिले में 2.90 लाख बच्चों को विटामिन ए की खुराक पिलाई जाएगी। इसके लिए 13 अगस्त से 13 सितम्बर तक अभियान चलेगा। इस अभियान में  9 माह से 5 वर्ष के बच्चे विटामिन ‘ए’ की खुराक लेंगे। साथ ही नियमित टीकाकरण सत्र में बच्चों को निमोनिया का नि:शुल्क टीका भी लगेगा।

सीएमओ डा. इंद्रविजय विश्वकर्मा ने बताया कि विटामिन ‘ए’ बच्चों के शारीरिक व बौद्धिक विकास के साथ-साथ आंखों के लिए भी लाभदायक है। यह  बच्चों को रतौंधी नामक खतरनाक बीमारी से बचाता है।

उन्होंने बताया कि कोविड-19  को देखते हुए यह दवा कोरोना प्रोटोकॉल का पालन करते हुए बच्चों को पिलाई जाएगी। इस दौरान आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा आयोडीन युक्त नमक के फायदे के बारे में भी बताया जाएगा। आयोडीनयुक्त नमक के इस्तेमाल से घेंघा और मंदबुद्धि होने से बच्चों को बचाया जा सकता है। निमोनिया और डायरिया पांच वर्ष तक बच्चों की मृत्यु का प्रमुख कारण होता है। अब निमोनिया से बच्चों को बचाने के लिए न्यमोकाॅकल वैक्सीन सरकारी अस्पतालों पर नि:शुल्क लगायी जाएगी। इसकी भी शुरूआत 13 अगस्त से ही नियमित टीकाकरण कार्यक्रम के तहत होगी। इसी के साथ निमोनिया का टीका नियमित टीकाकरण सत्र में शामिल कर दिया जाएगा। पीसीवी का टीका लग जाने से शिशु मृत्यु दर में 16 प्रतिशत की कमी आ सकती है।  उन्होंने बताया कि निमोनिया का टीका लग जाने से बच्चों को अधिक समय तक निमोनिया से होने वाले खतरे से लड़ना नहीं पड़ेगा। इस टीके के आ जाने से निमोनिया, सर्दी, जुकाम, दिमागी बुखार को भी रोका जा सकेगा।

अभी तक बच्चों को नियमित टीकाकरण कार्यक्रम के तहत बीसीजी, हेपाटाइटिस बी, पेंटावैलेट, ओपीवी, रोटावायरस, मिजिल्स रूबेला, विटामिन ए तथा पल्स पोलियो ड्राप निशुल्क उपलब्ध था। मगर अब शासन ने निमोनिया का टीका भी निःशुल्क उपलब्ध करा दिया है।

स्तनपान को बढ़ावा देने पर जोर- बाल स्वास्थ्य पोषण माह के तहत आशा व आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा धात्री महिलाओं से कम से कम छह माह तक बच्चों को सिर्फ और सिर्फ स्तनपान कराने के लिए भी प्रेरित किया जाएगा। धात्री महिलाओं को बताया जाएगा कि बच्चों के लिए मां का दूध संजीवनी है। मां का दूध बच्चों के लिए संपूर्ण आहार है।