होम आइसोलेट होंगे कोविड मरीज तो देना होगा शपथ पत्र, कोविड मरीजों की देखभाल को घर के एक व्यक्ति की होगी तैनाती, देखभाल करने वाला मरीज भी डॉक्टरों की तरह सुविधाओं से होगा लैस

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अरविन्द द्विवेदी की रिपोर्ट
सिद्धार्थनगर

कोविड-19 के मरीजों को होम आइसोलेशन होने से पहले कोविड-19 प्रोटोकॉल फॉलो करने से संबंधित शपथ पत्र देना होगा। होम आइसोलेशन में प्रोटोकॉल का पालन न होने पर मरीज पर कार्यवाही की जा सकती है। इतना ही नहीं होम आइसोलेशन के दौरान कोविड मरीजों की देखभाल के लिए घर के एक व्यक्ति को भी लगाया जाएगा, जिसे पूरी सुविधाओं से लैस रहना होगा।
प्रदेश सरकार द्वारा कोविड-19 के मरीजों को होम आइसोलेशन का आदेश जारी किया गया है, जिसके लिए शपथ पत्र देकर में मरीज को यह बताना होगा कि सेल्फ आइसोलेशन के दौरान स्वास्थ्य विभाग द्वारा बताए गए नियमों का कड़ाई से पालन करेंगे। इस अवधि में सेल्फ आइसोलेशन का पूरी तरह से पालन करना होगा। इस दौरान मरीज, देखभाल करने वाले व्यक्ति व परिजनों की सेहत में गिरावट होने या कोरोना के लक्षण दिखने पर सर्विलांस टीम- नियंत्रण कक्ष को तत्काल अवगत करना होगा।

यह बेहद जरूरी- होम आइसोलेशन वाले मरीजों के घर में रोगी के आइसोलेट होने व परिजनों के क्वारंटीन रहने के अलग-अलग कमरें होने चाहिए। इसके अलावा दो अलग-अलग शौचालय भी जरूरी है। इसके साथ ही मरीज की 24 घंटे देखभाल करने वाले व्यक्ति को आइसोलेशन अवधि के दौरान संबंधित चिकित्सलाय से संपर्क रहना जरूरी है। इसके साथ ही मरीज के पास पल्स आक्सीमीटर, थर्मा मीटर, मॉस्क, ग्लब्स, सोडियम हाइपोक्लोराइट साल्यूशन व रोग प्रतिरोधक बढ़ाने वाली वस्तुएं रहनी चाहिए।

इन्हें नहीं होम आइसोलेशन की अनुमति नहीं-
रोग प्रतिरोधतक क्षमता से कमजोर लोगों को होम आइसोलेट करने की छूट नहीं मिलेगी। इसमें एचाईवी, अंग प्रत्यारोपित, कैंसर का उपचार प्राप्त करने मरीज अस्पताल में ही आइसोलेट किए जाएंगे। इनके अंदर रोग से लड़ने की क्षमता कम होती है।

आरोग्य सेतु एप भी जरूरी-
सेल्फ आइसोलेशन में रहने वाले व्यक्ति के मोबाइल में आरोग्य सेतु एप डाउनलोड रहना अनिवार्य है। इसे हमेशा चालू रखना है। इस एप में दिन भर में दो बार सूचनाओं को अपडेट भी करना होगा। जिस मरीज के पास स्मार्ट फोन नहीं होगा वह दूरभाष के जरिए अपने सेहत की जानकारी अपडेट कराएगा।

इस तरह की दिक्कत में तत्काल दें सूचना-
सांस लेने में कठिनाई
शरीर में ऑक्सीजन की कमी
सीने में लगातार दर्द या भारीपन
मानसिक भ्रम की स्थित या सचेत होने में आसमर्थता
बोलने में समस्या
चेहरे के किसी अंग में कमजोरी
होठ या चेहरे पर नीलापन

होम आइसोलेशन के दौरान दिशा-निर्देशों का पूरी तरह से पालन करना होगा। रोग प्रतिरोधक क्षमता से कमजोर वाले मरीजों को अस्पताल में आइसोलेट कराया जाएगा। सेल्फ आइसोलेशन में गाइड लाइन का पालन न करने पर कार्यवाही की जाएगी। (डॉ. इंद्र विजय विश्वकर्मा, मुख्य चिकित्साधिकारी)