सर्विलांस अभियान के तहत शुरू हुआ है स्वास्थ्य परीक्षण कार्यक्रम, कोरोना संक्रमण की चेन तोड़ने के लिए घर-घर दस्तक दे रही आशा व ए०एन०एम०, 31 लाख लोगों तक पहुंचने का लक्ष्य

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अरविन्द द्विवेदी की रिपोर्ट
सिद्धार्थनगर

कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण को रोकने के लिए रविवार से जिले भर में घर-घर स्वास्थ्य परीक्षण कार्यक्रम शुरू किया गया है। इसमें आशाएं घर-घर दस्तक देकर परिवारीजनों से कोविड-19 के लक्षण सर्दी, खांसी, बुखार की जानकारी इकट्ठा कर रही हैं। संदेह होने पर स्वास्थ्य परीक्षण भी किया जा रहा है। यह अभियान 15 जुलाई तक  चलेगा। इसमें जिले के 31 लाख लोगों तक पहुंचने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

कोविड-19 स्वास्थ्य परीक्षण कार्यक्रम के तहत रविवार से शुरू हुए अभिायन में चार लाख घरों की 31 लाख की आबादी तक पहुंचने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने टीम लगाई हैं। युद्ध स्तर पर शुरू हुए अभियान को पोलिया टीकाकरण की तर्ज पर शुरू किया गया है। जिले में कोरोना संक्रमण में हो रही वृद्धि को ध्यान में रखते हुए घर-घर जाकर आशाओं ने संवेदीकरण करना शुरू कर दिया है। इसमें सभी से सर्दी, खांसी, बुखार व कोरोना के अन्य लक्षणों की जानकारी कर प्रोफार्मा पर भरा जा रहा है। इसके अलावा किसी को अन्य कोई बीमारी है तो उसे भी अलग से नोट कर सेहत मॉनीटरिंग की प्रक्रिया शुरू की गई है। हॉट स्पॉट वाले क्षेत्रों में बड़ी ही सजगता के साथ संवेदीकरण किया जा रहा है। जबकि सामान्य क्षेत्रों में रोगियों का घर-घर जाकर चिन्हिकरण कर जांच कराया जा रहा है। सीएचसी शोहरतगढ़ के अधीक्षक डॉ. पीके वर्मा ने बताया कि कोविड-19 के संक्रमण की चेन तोड़ने के लिए जिले के साथ प्रदेश भर में यह अभियान शुरू किया गया है। फ्रंटलाइन वर्कर के साथ समाजसेवी लोगों के सहयोग से हर घर पर टीम दस्तक दे रही है। भ्रमण हो जाने वाले घरों पर पोलियों की तरह चिन्हांकन व तिथि भी अंकित की जा रही है।

शोहरतगढ़ की एएनएम वंदना सिंह व सुमन ने बताया कि घरों पर लोगों को जागरूक करने का प्रयास किया जा रहा है। फिजिकल डिस्टेंसिंग, मास्क, हैंडवॉश का भी उपयोग करने की सलाह दी जा रही है। सीएचसी बर्डपुर के अधीक्षक सुबोध चंद्र ने बताया कि ब्लॉकों पर एएनएम व आशा स्क्रीनिंग कर रही हैं। सांस में दिक्कत होने वाले मरीजों का पल्स मीटर से पीड़ित के शरीर में ऑक्सीजन की मात्रा आदि देखी जा रही है। गंभीर बीमारियों से परेशान लोगों की अलग से उपचार की व्यवस्था की गई है।

इनका रखा गया विशेष ध्यान- सर्वेक्षण में गर्भवती, 60 वर्ष से ज्यादा उम्र के व्यक्तियों, उच्च रक्तचाप, मधुमेह, कैंसर आदि से ग्रसित रोगियों को सूचीबद्ध कर कोविड-19 से बचाव के लिए विशेष ध्यान रखा जा रहा है। इनकी लगातार मॉनीटरिंग करने के लिए आशाओं को जिम्मा सौंपा गया है।