स्वास्थ्य मंत्री ने जिला अस्पताल से संचारी रोग नियंत्रण माह एवं दस्तक अभियान का किया शुभारंभ, प्रचार वाहनों को दिखाई हरी झंडी

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विनोद कुमार चौधरी की रिपोर्ट
सिद्धार्थनगर

संचारी रोग नियंत्रण माह एवं दस्तक अभियान का बुधवार को स्वास्थ्य मंत्री जय प्रताप सिंह ने जिला अस्पताल में उद्घाटन करते हुए कहा कि जेई-एईएस से छुटकारा पाने के लिए हर व्यक्ति को जागरूक होना जरूरी है। जागरूकता के ही दम पर पूर्वांचल में अभिशाप बनी दिमागी बुखार पर नियंत्रण है। इसे जड़ से खत्म करने के लिए प्रत्येक नागरिक को जिम्मेदार बनना होगा। उन्होंने बताया कि कोरोना के चलते इस बार आशाओं को कुंडी छुए बगैर दस्तक अभियान को सफल बनाना होगा। इस दौरान प्रचार वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

उन्होंने कहा कि पूर्वांचल, बिहार व नेपाल में दिमागी बुखार से होने वाली मौत ने लोगों के घर बर्बाद कर दिए थे। प्रदेश में सरकार बनने के बाद से लगातार चलाए जा रहे संचारी रोग नियंत्रण व दस्तक अभियान से बड़े स्तर पर मौतों के आंकड़े कम किए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग के साथ दर्जन भर से अधिक विभागों ने अपनी जिम्मेदारियों को बखूबी निभाया है। कोरोना काल के चलते आशा, एएनएम की जिम्मेदारी बढ़ गई है। उन्होंने कहा कि दिमागी बुखार के लक्षण पहचानें व बच्चों को बिना किसी देरी के सरकारी अस्पताल पहुंचाना, कोविड-19 के लक्षण को पहचानते हुए संदिग्धों की स्वास्थ्य विभाग को जानकारी देना भी आशाओं की जिम्मेदारी है।

इस अवसर पर सांसद जगदम्बिका पाल, सदर विधायक श्यामधनी राही, विधायक अमर सिंह चौधरी, जिलाधिकारी दीपक मीणा, सीएमओ डॉ. सीमा राय, यूनीसेफ के डीएमसी गुफरान, डॉ. एके आजाद, डॉ. प्रशांत अस्थाना, एपीडोमोलाजिस्ट समीर सिंह आदि मौजूद रहे।

पहले से सफाई व्यवस्था में सुधार- जिला अस्पताल में अभियान का शुभारंभ करने के बाद मंत्री ने लेबर रूम, कोविड वार्ड का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि पहले से अस्पताल में सफाई व्यवस्था में काफी सुधार हुआ है। यह जागरूकता के चलते संभव हो सका है।

दस्तक के संदेश-

  • कोई भी बुखार हो सकती है दिमागी बुखार
  • बुखार जानलेवा हो सकती है
  • बुखार के इलाज में देरी न करें
  • बुखार आते ही अस्पताल जाएं
  • 108 एंबुलेंस का प्रयोग करें