शासन के निर्देशों की धज्जियां उड़ाकर गरीबों का राशन हड़पते कोटेदार

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शासन के निर्देशों की धज्जियां उड़ाकर राशन हड़पने में तल्लीन कोटेदार

पर्दाफाश न्यूज टीम प्रयागराज।
***अंगूठा लगाकर भी राशन से कार्ड धारक राशन से महरूम।
—-सस्ते राशन की बन्द दुकान के बावजूद राशन वितरण रहस्यमयी।
—-अधिकारियों पर भारी अभिषेक की कोटेदारी।
नैनी, प्रयागराज, 05 जून 2020। शासन के लाख प्रयासों के बावजूद प्रयागराज के नैनी में कोटेदारों की मनमानी बदस्तूर जारी है लेकिन हैरानी की बात है कि सप्लाई इंस्पेक्टर, एआरओ व डीएसओ तक इन दबंग कोटेदारों के आगे नतमस्तक क्यों हैं?
जानकारी के अनुसार आयुक्त खाद्यान्न के आदेश दिनांक 30 मार्च 2020 के अनुसार कोटेदार के मशीन की मैपिंग सुबह 06 बजे से रात्रि 09 बजे तक रहेगी व सभी राशन कार्ड धारकों, मनरेगा व श्रम विभाग में पंजीकृत मजदूरों को राशन उपलब्ध कराया जाएगा व एक किग्रा दाल दिया जाएगा लेकिन नैनी के पीडीए कालोनी के अभिषेक सिन्हा आदि कोटेदारों द्वारा शासन के निर्देशों की लगातार धज्जियां उड़ाकर लोगों को राशन से महरूम किया जा रहा है। विगत 05 दिनों में एक भी दिन इस कोटेदार द्वारा दुकान नहीं खोली गई तो सवाल यह उठता है कि राशन का वितरण कैसे हो रहा है?
बता दें कि राष्ट्रीय खाद्यान्न गारंटी योजना लागू होने के बाद प्रत्येक भारतीय नागरिक को राशन की उपलब्धता अनिवार्य है व विशेषकर कोरोना संकटकाल में प्रत्येक नागरिक को राशन उपलब्ध कराने के लिए सरकार कटिवद्ध है परन्तु अभिषेक सिन्हा जैसे कोटेदार आज भी अपने मनमर्जी पर उतारू हैं। स्थानीय राशन कार्ड धारक मनीषा पाण्डेय आदि दर्जनों लोगों द्वारा बताया गया है कि कोटेदारों द्वारा अंगूठा लगवाने के नाम पर बड़ा खेल जारी है। स्थानीय कार्ड धारकों ने बताया कि हर महीने अभिषेक सिन्हा के प्रतिनिधि हरीश सिन्हा, राकेश कुमार व अंकित मालवीय आदि द्वारा अंगूठा तो लगवाया जाता है परन्तु बाद में राशन देने के नाम पर टरका दिया जाता है। जून के महीने में आज लगातार पांचवें दिन भी स्थानीय पीडीए कालोनी में कोटेदार अभिषेक सिन्हा व कुछ अन्य कोटेदारों ने दुकानों को बंद रखा है जिससे जरूरतमन्द लोग दुकान से निराश अपने घरों को जाने को मजबूर दिखे। उपरोक्त प्रकरण में आज बात करने के प्रयास पर हमेशा की तरह सप्लाई इंस्पेक्टर ने फोन नही उठाया जबकि डीएसओ प्रयागराज से बात करने पर उनके कार्यालय द्वारा मामले को देखने की बात करके प्रकरण को टालने की कोशिश की गई। यक्ष प्रश्न तो यह है कि क्या कोई कोटेदार इतना बड़ा दबंग हो सकता कि उसके आगे पूरा सरकारी महकमा नतमस्तक नजर आए? फिलहाल खबर लिखे जाने के समय सप्लाई इंस्पेक्टर ने फोन करके बताया कि वह कल प्रकरण की जांच करेंगे लेकिन स्थानीय जनता की मांग है कि अभिषेक सिन्हा जैसे कोटेदारों की जांच बताकर नहीं बल्कि औचक निरीक्षण हो जिस्की वीडियोग्राफी भी कराई जाए जिससे हकीकत उजागर हो सके।