किसानों की सिंचाई व जल निकासी हेतु पुरानी कुलों को पाटकर भूमाफियाओं द्वारा किया जा रहा अबैध अतिक्रमण, जबकि मनरेगा द्वारा उसी कुला पर कराया गया कुला खुदाई कार्य

0
391

श्रवण कुमार पटवा की रिपोर्ट
शोहरतगढ़, सिद्धार्थनगर

शोहरतगढ़ में भू माफियाओं के हौसले कितने बुलंद हैं, इसका अंदाजा किसानों द्वारा दी गयी शिकायती प्रार्थना पत्र से लगाया जा सकता है। शुक्रवार को शोहरतगढ़ सीमा विस्तारित क्षेत्र के नारायनपुर, मेढवा, चांदा पार उर्फ शोहरतगढ़, नीबी दोहनी के दर्जनों किसानों ने शोहरतगढ़ नगर पंचायत के अधिशाषी अधिकारी व नगर अध्यक्ष महोदया को संबोधित प्रार्थना पत्र में अपना दर्द बयां करते हुए लिखा कि महोदय हम सब किसान है। हम प्रार्थी गण का कृषि योग्य भूमि उक्त क्षेत्र में स्थित है उक्त कृषि क्षेत्र में बरसात के समय में बाढ़ की विभीषिका जब अपना प्रलय मचाती है तो हम सबका खेत पानी से डूब जाता है ऐसे समय में खेतों के पानी के बहाव को निकालने के लिए कुला, नहर कई वर्षों पूर्व से बनाया गया है। उससे खेतों के पानी की निकासी व जरूरत पर सिंचाई का कार्य कराया जाता है पर उन्हीं कुला व नहरों को भू माफियाओं द्वारा अवैध रूप से कब्जा करके प्लाटिंग आदि का कार्य किया जा रहा है और प्रशासन मूकदर्शक बनकर सब कुछ देख रहा है।

बताते चलें कि क्षेत्र में यह प्रकरण नया नहीं है इसके पूर्व भी तहसील प्रशासन की मिली भगत से क्षेत्र में कई लोगों को गलत तरीके से पट्टा स्वीकृत किया, जो लोगों के बीच शोहरतगढ़ क्षेत्र में चर्चा का विषय बना रहा।

इस सन्दर्भ में तहसील प्रशासन के हल्का लेखपाल राम कुमार तिवारी ने बताया कि जो कुला पाटकर पाटकर रास्ता बनाया जा रहा है आंशिक रूप में अभिलेखों में रास्ते के रूप में दर्ज है, शेष कुले के रूप में नाली दर्ज है। अब सवाल यह है कि आखिर भू माफियाओं को कैसे पता चला कि वह रास्ता जो कि कई दशकों से ही वह खुले के रूप के रूप में किसान सिंचाई का कार्य करते रहे और अधिक बरसात में जल की निकासी भी होती रही। यही नहीं जानकारों की मानें तो ग्राम पंचायत स्तर से दो से तीन बार, 3 अलग अलग प्रधानी कार्यकाल में उस पर मनरेगा द्वारा कुला खुदाई का कार्य भी कराया गया है। यदि जिम्मेदारों को यह पता था कि वह खुला नहीं सड़क है तो फिर कुला खुदवाकर धन का बंदरबांट क्यों किया गया ? क्या भू माफियाओं को तहसील व ब्लॉक प्रशासन का संरक्षण प्राप्त है? सबसे बड़ा सवाल है।

ऐसे में नाम न छापने की शर्त पर लोगों ने यह भी कहा कि कहा कि यदि कुला को सड़क बनाया जा रहा है तो लाखों रुपए का गबन का जिम्मेदार कौन है? ऐसे पैसों की रिकवरी करा कर दोषियों को सजा भी देनी चाहिए जिससे अभिलेखों की नावैयत में छेड़छाड़ ना किया जा सके।

इसके साथ ही किसानों ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर शीघ्र ही हमारी समस्या का समाधान नहीं हुआ तो जन आंदोलन करने के लिए हम लोग करने के लिए हम लोग विवश होंगे जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।

उक्त के संदर्भ नगर अध्यक्ष प्रतिनिधि व हियुवा सुभाष ने कहा कि किसानों की समस्याओं को ध्यान में रखकर कार्यवाही की जाएगी, किसी भी भूमाफियाओं को गलत तरीके से कार्य करने नही दिया जाएगा, वैसे शिकायत मिली है। किसानों को न्याय दिलाया जाएगा।