परमेंदु वेलफेयर सोसाइटी के प्रबन्धक के प्रयास से बस्ती के गोरसरा शुक्ल में निःशुल्क पोल लगाकर विद्युत आपूर्ति बहाल

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समाजसेवी अधिवक्ता के प्रयास के बाद बस्ती जनपद के गोरसरा शुक्ल के पोल को निःशुल्क लगाकर ग्रामीण उपभोक्ताओं को विद्युत आपूर्ति बहाल।

पर्दाफाश न्यूज टीम। –लाइनमैन ने फोन पर स्वीकार किया कि गांव के कुछ लोग लाइनमैन व जेई के नाम पर रुपये वसूल कर अपने पास रखकर उन्हें बदनाम करते हैं।
—फिलहाल जेई व लाइनमैन के विरुद्ध चार अन्य शिकायतों पर कार्यवाही अवश्य होगी।
—जेई व लाइनमैन के चल व अचल संपत्ति के भी जांच की मांग।
विक्रमजोत, बस्ती, 08 मई 2020। भ्रष्टाचार मुक्त भारत अभियान में एनजीओ परमेंदु वेलफेयर सोसाइटी के प्रबन्धक के प्रयासों को इस बार बस्ती जनपद में बड़ी कामयाबी मिली है।
जानकारी के अनुसार बस्ती जनपद के विक्रमजोत पावर हाउस अंतर्गत गोरसरा शुक्ल गांव में 3 दिन पूर्व टूटे पोल के संदर्भ में वरिष्ठ समाजसेवी अधिवक्ता की शिकायत पर उच्च अधिकारियों व मीडिया के संज्ञान व सहयोग के बाद आज गोरसरा शुक्ल गांव के पोल को निःशुल्क रूप से लगाकर ग्रामीण उपभोक्ताओं की विद्युत आपूर्ति बहाल कर दी गई।
बता दें कि उपरोक्त प्रकरण में लाइनमैन व जेई के विरुद्ध वीडियो, फोटोग्राफी, साक्ष्यों व वायस रिकॉर्डिंग को आधार बनाकर परमेंदु वेलफेयर सोसाइटी के प्रबन्धक आर के पाण्डेय एडवोकेट (हाई कोर्ट इलाहाबाद) ने ईएक्सएन, यूपीपीसीएल व ऊर्जा मंत्री आदि से व आईजीआरएस पर शिकायत किया था। जिसपर मीडिया में खबरें भी प्रकाशित हुई थीं व स्वयं एसडीओ ने कल सुबह ही फोन करके अधिवक्ता से वार्ता की एवं शाम को भी फोन पर बताया कि विक्रमजोत के लगभग 150 टूटे पोल के लिए बस्ती से सभी पोल भेज दिए गए हैं व जल्द पोल लगाकर विद्युत आपूर्ति बहाल की जाएगी। आज ही सुबह पोल को निःशुल्क लगाकर विद्युत आपूर्ति बहाल कर दी गई है। जिसके लिए अधिवक्ता ने एसडीओ सहित उच्च अधिकारियों को धन्यवाद दिया है। उधर लाइनमैन रंजीत गोसाईं ने फोन करके अधिवक्ता से बताया कि वह विभाग का लाइन मैन नही है बल्कि प्राइवेट लेबर है तथा गोरसरा गांव के कुछ लोग उसके नाम पर उपभोक्ताओं से अवैध वसूली करके विभाग को बदनाम करते हैं। दिलचस्प सवाल यह है कि यदि रंजीत गोसाईं विभागीय लाइनमैन नही है तो फिर वह वर्षों से यह काम कैसे कर रहा है व खुद जेई उसे लाइनमैन क्यों मानता है? बहरहाल पूर्व की सभी 4 शिकायतों के साथ अब अधिवक्ता आर के पाण्डेय ने स्थानीय जेई व लाइनमैन के सम्बन्धों व कार्यों सहित उनके विगत 10 वर्षों के फोन रिकॉर्ड सहित उनके लाई डिटेक्टर टेस्ट के साथ कुछ चल व अचल संपत्ति की जांच व कार्यवाही की मांग की है। इस सम्बंध में मीडिया को आर के पाण्डेय एडवोकेट ने बताया कि उनका अभियान पूरे भारत वर्ष से भ्रष्टाचार को जड़ से खत्म होने तक चलता रहेगा। इसके पूर्व आर के पाण्डेय एडवोकेट के ही शिकायत पर बस्ती जनपद के रामनगर रेंज में व्यापक स्तर पर वृक्षारोपण घोटाला साबित हुआ है व साक्षी एकेडमी हर्रैया जैसे अवैध विद्यालय बन्द हुए हैं व बस्ती जनपद के तमाम विभासगों में भ्रष्टाचार के विरुद्ध कार्यवाही चल रही है जबकि बस्ती के हर्रैया तहसील क्षेत्र के 58 अवैध विद्यालयों के विरुद्ध कार्यवाही गतिमान है।

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