शंकरगढ़ में दो कोरोना के मरीज मिलने से मचा हड़कंप

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आर के पाण्डेय की रिपोर्ट
शंकरगढ़, प्रयागराज

थाना क्षेत्र के कपारी गांव में 21 अप्रैल की शाम 5:00 बजे दो युवक मुम्बई से शंकरगढ़ के कपारी गांव आए जिनकी जानकारी मिलने पर शंकरगढ़ अधीक्षक शैलेंद्र सिंह ने 22 अप्रैल को सुबह 10:00 बजे प्रयागराज भेज कर इनकी कोरोना की जांच कराते हुए इन्हीं के घर में क्वरेन्टीन कर दिया गया। अपने ही घर के एक रूम में दोनों लड़के एक साथ रहते थे।

बता दे कपारी गांव के अशोक कुमार मिश्रा की 10 दिन पूर्व सड़क दुर्घटना में मृत्यु हो गई थी जिसमें इनका लड़का अभिषेक मिश्रा 20 वर्ष पुत्र अशोक मिश्रा व निखिल मिश्रा 17 वर्ष पुत्र अवधेश मिश्रा निवासी ग्राम कपारी शंकरगढ़ ये दोनों लड़के मुंबई के वडाला ईस्ट तथा दूसरा बांद्रा में रहता था। अभिषेक के पिता की मृत्यु की सूचना पाकर दोनों ने आधिकारिक रूप से पास बनवाकर एक कार द्वारा शंकरगढ़ पहुंचे जहां अधीक्षक शैलेंद्र सिंह को सूचना होने पर दोनों को प्रयागराज भेजकर कोरोना की जांच कराई गई थी । आज इन दोनों व्यक्तियों की कोरोना की जांच रिपोर्ट पोसिटिव मिलने से क्षेत्र में हड़कंप मच गया ।अभिषेक के घर में दो भाई दो बहन तथा मां हैं । तथा निखिल दो भाई एक बहन व माता-पिता है । अभिषेक का कहना है कि हम दोनों लोगों को अधीक्षक द्वारा होम क्वरेन्टीन किए जाने पर घर के ही अलग एक कमरे में रहने की व्यवस्था की गई थी। वहीं जिस कार से यह लोग आए थे ड्राइवर राजू शुक्ला पुत्र अशोक शुक्ला निवासी (झुकनई) माई पीढ़ी, कौंधियारा का रहने वाला है। राजू मुम्बई में ओला की गाड़ी चलाता था। जहां पुलिस तथा स्वास्थ्य विभाग की टीम पहुंचकर राजू को भी जांच के लिए कालिंदीपुरम प्रयागराज भेजा गया । और राजू घर के लगभग 30 लोगों को भी प्रयागराज में कोरोना की जांच हेतु क्वरेन्टीन सेंटर में रखा गया है । शंकरगढ़ अधीक्षक द्वारा बताया गया की कपारी के दोनों लड़कों को प्रयागराज के कोटवा बेनी हॉस्पिटल में इलाज के लिए भेजा गया है। तथा गाँव के लगभग 200 लोगों को प्रयागराज में अलग अलग जगहों पर जांच कराते हुए क्वरेन्टीन सेंटरों में रखा गया है। मौके पर उपजिलाधिकारी बारा संदीप भागिया, क्षेत्राधिकारी बारा राम प्रकाश दोहरे, थानाध्यक्ष वेद प्रकाश पांडेय, तथा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अधीक्षक शैलेंद्र सिंह व उनकी स्वास्थ्य विभाग की पूरी टीम कपारी गांव पहुंचकर दोनों लड़कों को इलाज के लिए कोटवा बेनी हास्पिटल प्रयागराज भेजा गया। ग्रामीणों का कहना है आज ही अशोक के घर में शौह क्रिया (मुंडन) का कार्यक्रम था जिसमें कई लोगों ने सामूहिक रूप से बाल बनवाएं इसमें कई लोगों के संक्रमित होने की संभावना पाई जाती है। जिस दिन शंकरगढ़ से आठ कोरोना संदिग्ध लोगों को लोगों जांच के लिए अधीक्षक द्वारा प्रयागराज भेजा गया था उनमें दो कपारी तथा कुछ अन्य जगहों से भी थे। स्वास्थ्य विभाग द्वारा कपारी के दोनों युवकों को घर होम क्वरेन्टीन तथा अन्य को आमगोंदर के प्राथमिक विद्यालय में क्वरेन्टीन किया गया था।
क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि अगर स्वास्थ्य विभाग अथवा प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा संदिग्धों को घर में क्वरेन्टीन न करते हुए प्रयागराज के क्वरेन्टीन सेंटरों पर रखा जाता तो सायद इतनी भयानक स्थिति न पैदा होती।

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