समाजसेवी ने चिकित्सिका को बर्खास्त करने की मांग की

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बस्ती न्यूज
समाजसेवी ने किया चिकित्सा मंत्री से मुख्यचिकित्साधिकारी व आलाधिकारियों की भूमिका की जांच कर डा.नीलम को बर्खास्त करने की मांग
—सेवा कार्य में शिथिल अधिकारियों व कर्मचारियों को किया जाय सेवा मुक्त-चन्द्रमणि पाण्डेय सुदामा।
—/कार्यशिथिलता व भ्रष्टाचार में लिप्त अधिकारी कर्मचारी किसी भी दशा में बख्शे नहीं जायेंगें-चिकित्सा मंत्री जय प्रताप सिंह।
विभागीय अधिकारियों व राजनीतिक संरक्षण प्राप्त क्षेत्र के प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र काशीपुर में तैनात चिकित्सिका के खिलाफ भले ही समाजसेवी चन्द्रमणि पाण्डेय(सुदामाजी)के प्रयास से प्रभारी चिकित्साधिकारी डा.आर.के.सिंह के लिखित शिकायत पर ज्वांइट मजिस्ट्रेट प्रेम प्रकाश मीणा के आदेश से बीते 28मार्च को धारा 188के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया किन्तु न तो अभी तक डा.नीलम सेवाकार्य में संलग्न हुईं न ही उनका कोई स्पष्टीकरण ही आया और आये भी क्यों जब दर्जनों बार लिखित शिकायत के उपरांत भी जिले के आलाधिकारियों व मुख्यचिकित्साधिकारी ने आज तक कोई विभागीय कार्यवाही नहीं किया और प्रसासन के कार्यवाही के नाम पर 188के तहत महज मुकदमा लिखकर कोरम पूर्ण कर दिया जिसमें अर्थदण्ड महज 200देय है ऐसे में आज एक बार पुनः श्री पाण्डेय ने मुख्यचिकित्साधिकारी सहित जिले के अधिकारियों से डा.नीलम के बर्खास्तगी की मांग की किन्तु उनके द्वारा समुचित उत्तर न दिये जाने के चलते श्री पाण्डेय ने चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री जय प्रताप सिंह को फोन कर बताया कि किस तरह वो दर्जनों बार उच्चाधिकारियों से न केवल शिकायत कर चुके हैं अपितु बीते 5नवम्बर को तहसील दिवस में जिलाधिकारी बस्ती को लिखित शिकायत करने व विभिन्न समस्याओं के साथ साथ उक्त प्रकरण को लेकर जिलाधिकारी कार्यालय का घेराव भी कर चुके हैं किन्तु प्रसासनिक शिथिलता व राजनीतिक संरक्षण प्राप्त डा.नीलम आज जब पूरा स्वास्थ्य महकम कोरोना के जंग में दिनरात एक किये हुए है ऐसी स्थिति में भी सेवा नहीं दे रही है जबकि मेरे व प्रभारी चिकित्साधिकारी के शिकायत के क्रम में बीते 28मार्च को उपजिलाधिकारी के आदेश से चिकित्सिका के विरुद्ध धारा 188के तहत एफ.आई.आर.भी दर्ज हो चुका है फिर भी उनकी लगातार बिना सूचना अनुपस्थिति बनी हुई है ऐसे में मुख्यचिकित्साधिकारी व आलाधिकारियों की संदिग्ध भूमिका की जांच कराते हुए डा.नीलम को बर्खास्त किया जाना नितांत आवश्यक है जब तक ऐसे कर्मचारी व अधिकारी जनपद में रहेंगे व्यवस्था सुधार सम्भव नहीं है चिकित्सा मंत्री ने त्वरित कार्यवाही का आश्वासन देते हुए कहा है कि किसी भी दशग में कार्यशिथिलन व भ्रष्टाचार में लिप्त अधिकारी कर्मचारी बक्से नहीं जायेंगें।

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