नोबल कोरोना वायरस को देखते हुए जिलाधिकारी दीपक मीणा ने जिले में लगाई धारा 144, क्या है धारा 144?

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पर्दाफाश न्यूज़ टीम
सिद्धार्थनगर

नोबल कोरोना वायरस को देखते हुए जिलाधिकारी दीपक मीणा ने जिले में धारा 144 लगा दी है, जो 15 अप्रैल तक जिले में प्रभावी रहेगा। हम आपको सोसल मीडिया से जानकारी जुटाकर धारा 144 और इससे जुड़ी अहम जानकारियां बता रहे हैं… धारा 144 का मुख्य मकसद कई लोगों का एक जगह पर इकठ्ठा होने से रोकना है। सरकार यह धारा तब लागू करती है जब लोगों के इकट्ठा होने से कोई खतरा हो सकता है।

पढें धारा 144 और इससे जुड़े अहम सवालों के जवाब

क्या है धारा-144 और कब लगाई जाती है?
सीआरपीसी की धारा 144 शांति कायम करने या किसी आपात स्थिति से बचने के लिए लगाई जाती है। किसी तरह के सुरक्षा संबंधित खतरे या दंगे की आशंका हो। धारा-144 जहां लगती है, उस इलाके में पांच या उससे ज्यादा आदमी एक साथ जमा नहीं हो सकते हैं। धारा लागू करने के लिए इलाके के जिलाधिकारी द्वारा एक नोटिफिकेशन जारी किया जाता है। धारा 144 लागू होने के बाद इंटरनेट सेवाओं को भी आम पहुंच से ठप किया जा सकता है। यह धारा लागू होने के बाद उस इलाके में हथियारों के ले जाने पर भी पाबंदी होती है।

कब तक लग सकती है धारा-144?
धारा-144 को 2 महीने से ज्यादा समय तक नहीं लगाया जा सकता है। अगर राज्य सरकार को लगता है कि इंसानी जीवन को खतरा टालने या फिर किसी दंगे को टालने के लिए इसकी जरूरत है तो इसकी अवधि को बढ़ाया जा सकता है। लेकिन इस स्थिति में भी धारा-144 लगने की शुरुआती तारीख से छह महीने से ज्यादा समय तक इसे नहीं लगाया जा सकता है।

सजा का प्रावधान
गैर कानूनी तरीके से जमा होने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ दंगे में शामिल होने के लिए मामला दर्ज किया जा सकता है। इसके लिए अधिकतम तीन साल कैद की सजा हो सकती है।

धारा-144 और कर्फ्यू के बीच फर्क- ध्यान रहे कि सेक्शन 144 और कर्फ्यू एक चीज नहीं है। कर्फ्यू बहुत ही खराब हालत में लगाया जाता है। उस स्थिति में लोगों को एक खास समय या अवधि तक अपने घरों के अंदर रहने का निर्देश दिया जाता है। मार्केट, स्कूल, कॉलेज आधि को बंद करने का आदेश दिया जाता है। सिर्फ आवश्यक सेवाओं को ही चालू रखने की अनुमति दी जाती है। इस दौरान ट्रैफिक पर भी पूरी तरह से पाबंदी रहती है।

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