आईजीआरएस पर बस्ती जनपद में शिकायतकर्ता के लिए बवाल-ए-जान

0
293

बस्ती न्यूज
आईजीआरएस पर शिकायत की निष्पक्ष जांच के बजाय शिकायतकर्ता पर दबाव बनाते अधिकारी

पर्दाफ़ाश न्यूज टीम बस्ती
बस्ती जनपद एकमात्र ऐसा जिला है जहां जांच अधिकारी आईजीआरएस की शिकायतों की निष्पक्ष जांच कम परन्तु शिकायतकर्ता पर दबाव अधिक बनाते हैं।
जानकारी के अनुसार हाई कोर्ट के अधिवक्ता आर के पाण्डेय ने आईजीआरएस पर बस्ती जनपद की कई शिकायतें की लेकिन कई महीने बीतने के बाद भी किसी का भी पूरा निस्तारण आज तक नही हुआ। विक्रमजोत ब्लॉक के रामनगर में एक आंगनबाड़ी की अवैध नियुक्ति, आंगनबाड़ी केंद्र शंकरपुर प्रथम व द्वितीय के गुणवत्ता की जांच, राशन कार्ड से नाम गायब करने, बिजली विभाग में बिल बढाकर उसे कम करने के नाम पर रिश्वत की मांग, इंडिया मार्का हैंड पम्प के रिबोर, पीले ईंट से खड़ंजा का घटिया निर्माण सहित कई शिकायतें अभी भी लम्बित हैं जिनमें निर्माण में शामिल एक ठेकेदार जोकि स्वयं अस्पताल की जमीन पर कब्जा करके पक्का मकान तक बना लिया है व खुद को स्थानीय विधायक का खास बताता फिरता है व पूर्व की सरकारों के भी विधायकों का खास हुआ करता था वह जांच अधिकारियों को प्रभावित करता रहा है। बताया गया है कि ग्राम पंचायत अधिकारी के पद पर चपिलांव की एक महिला की नियुक्ति है लेकिन उसका कार्य लखनऊ में बैठा उसका पति कागजों पर जरिये फोन देखता है व जरूरत पड़ने पर स्थानीय दबंगों से फोन कराकर शिकायतकर्ता को शांत कराया देने का सामर्थ्य रखता है। रोचक बात यह है कि इंडिया मार्का के पुनः रिबोर का आर्डर होने पर भी उपरोक्त आरोपी ग्राम पंचायत अधिकारी पर कोई फर्क नही पड़ता जबकि राशन कार्ड घोटाले में शामिल कोटेदार व सप्लाई इंस्पेक्टर का भी यही हाल है। मामला दिलचस्प तब हो गया जब एक ही दिन विक्रमजोत की सीडीपीओ लक्ष्मी व सप्लाई इंस्पेक्टर हर्रैया ने एक साथ शिकायतकर्ता को फोन करके शिकायत वापस लेने का दबाव बनाया व इसके पूर्व ग्राम पंचायत अधिकारी व ठेकेदार भी ऐसा ही दबाव बनाए तो अब इन सबसे ऊबकर शिकायतकर्ता ने उच्च अधिकारियों से शिकायत कर दी है व जल्द ही इस जनपद बस्ती के तमाम अधिकारियों व घोटालों की निष्पक्ष जांच कार्यवाही के लिए सीबीआई का दरवाजा की तैयारी में है। बता दें कि इसके पूर्व आर के पाण्डेय एडवोकेट की ही शिकायत पर बस्ती के राम नगर रेंज में वृक्षारोपण घोटाला उजागर हो चुका है जिसमे तत्कालीन जांच अधिकारी लोकपाल डॉ. एस.पी. श्रीवास्तव ने रिवार्ड भी जारी किया था।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here