मोदी/योगी राज में भी बेरोजगारों से ठगी का खेल जारी

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प्रयागराज न्यूज
रोजगार का झांसा देकर उत्कर्ष पाल आदि ठग रहे पैसे
संवाददाता प्रयागराज
अगर आप बेरोजगार हैं और रोजगार की तलाश में हैं तो सावधान हो जाएं। नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले गिरोहों का नेटवर्क पूरी तरह से सक्रिय है, जिसके बिछाए जाल में फंसकर बेरोजगार युवक युवतियाँ लाखों की ठगी का शिकार हो चुके हैं। आप पर जालसाजों की नजर है। घर बैठे रोजगार से लेकर वह सरकारी कार्यालयों में नौकरी का झांसा देकर आपका पैसा उड़ा सकते हैं। प्रयागराज में जालसाजों की लंबी लिस्ट है जो पुलिस के खुफिया रडार पर हैं। नौकरी के नाम पर ठगी के दर्जनों मामले सामने आने के बाद भी जालसाजी का जाल फैलाया जा रहा है।
ऐसे हो रही है ठगी
जालसाजों का लखनऊ गाजियाबाद में रैकेट काम कर रहा है। वह किसी न किसी माध्यम से बेरोजगारों तक पहुंचकर उनका मोबाइल नंबर जुगाड़ करते हैं। इसके बाद बेरोजगारों को रोजगार का मैसेज देकर जाल में फंसाते हैं। मैसेज भी ऐसे आते हैं कि बेरोजगार दौड़ पड़ते हैं। घर बैठे नौकरी करने के साथ कई सरकारी कार्यालयों में भी नौकरी का झांसा दिया जाता है। बेरोजगारों का मैसेज हासिल करने के बाद वह उनके बारे में और जानकारी लेते हैं फिर जाल में फंसाकर पैसे ठगते हैं।
ऐसे हो गया खुलासा
जिला गाजीपुर निवासी दलित काष्ट का रमाशंकर आदि ने बताया थाना शिवकुटी प्रयागराज निवासी तथाकथित अधिवक्ता महेश कुमार मिश्रा, थाना मेजा प्रयागराज निवासी संदीप कुमार पाल उर्फ पवन इन सभी का मास्टरमाइंड सरगना उत्कर्ष कुमार पाल उर्फ शिखर निवासी थाना लालगंज रायबरेली ने कई बेरोजगारों को जाल में फंसाया है। पहले ट्रेनिंग के नाम पर बेरोजगारों से पैसा ठगा गया फिर फर्जी नौकरी का कागज पकड़ा कर ज्वाइंनिंग के लिए भेज दिया। एम्स में नौकरी के इस फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ सूत्रों का कहना है कि पैसा वसूलने के बाद कई लड़कियों को प्रतीक्षा के लिए बोला गया और कुछ लड़कियों लड़को को फर्जी नियुक्ति पत्र भी जारी कर दिया गया। स्वास्थ्य विभाग से जुड़े सूत्रों की मानें तो एक युवती नियुक्ति पत्र लेकर जब औषधि विभाग पहुंची तो उसे वापस कर दिया गया।
प्रदेश के बाहर तक खेल चलता है
पुलिस सूत्रों की मानें तो जिन एजेंसियों की तलाश है, उनके तार प्रदेश से बाहर भी जुड़े हैं। उत्तर प्रदेश झारखंड बिहार राजस्थान मध्य प्रदेश के साथ बंगाल के युवक-युवतियों को भी प्रशिक्षण के नाम पर ठगी किया जा रहा है। एक बेरोजगार से पांच से दस लाख रुपए ठग लिए जा रहे हैं। पुलिस ऐसे ही लोगों की तलाश कर रही है। पुलिस के अनुसार जिस तरह से मानीटरिंग चल रही है, उस हिसाब से बहुत जल्द कोई बड़ा खुलासा हो सकता है। अधिकारियों का कहना है कि ऐसे मामलों की छानबीन की जा रही है।

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