लोकतंत्र संरक्षण पर चर्चा व शहीदों के परिजनों का हुआ सम्मान

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हिन्दी दैनिक समाचार पत्र के सताब्दी समारोह में लोकतंत्र संरक्षण पर चर्चा व शहीदों के परिजनों का हुआ सम्मान

पर्दाफ़ाश न्यूज टीम

बस्ती
देश की आजादी के पूर्व से लोकतंत्र के चौथे स्तम्भ के रूप में कार्यरत दैनिक आज समाचारपत्र के स्थापना के सौ वर्ष पूर्ण होने के उपल्य में आज अटल बिहारी वाजपेयी प्रेक्षागृह में आहूत विचार गोष्ठी कार्यक्रम में आज समाचार के साथ साथ विभिन्न समाचारपत्रों के मीडिया कर्मियों व समाज के प्रबुद्धजनों के साथ साथ सैकड़ों की संख्या में सामाजिक क्षेत्र से जुडे जनपद के सम्मानित लोग मौजूद रहे कार्यक्रम की शुरूवात शिखा संगीत मेमोरियल के बच्चों नें सरस्वती वंदना व स्वागत गीत से किया डानवास्को स्कूल के छात्र छात्राओं ने भी मनमोहक कार्यक्रम प्रस्तुत कर आगन्तुकों का मन मोह लिया कार्यक्रम की शुरुवात राजेन्द्र नाथ तिवारी ने दीप प्रज्वलन कर किया कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मण्डलायुक्त बस्ती रहे प्रेस क्लब बस्ती के अध्यक्ष महेन्द्र तिवारी, भारतीय बस्ती के सम्पादक प्रदीप पाण्डेय, ग्रामीण पत्रकार एशोसियेशन के अध्यक्ष अवधेष त्रिपाठी पूर्व प्रधानाचार्य रामनरेश मंजुल दशरथ यादव व सामाजिक कार्यकर्ता चन्द्रमणि पाण्डेय सुदामाजी सहित दर्जनों लोगों ने अपने विचार रखते हुए देश की आजादी से लेकर समाज के उत्थान में आज समाचार पत्र की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए लोकतंत्र में हो रहे नैतिकता के क्षरण पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि आज इसके चारो स्तम्भों में गिरावट का मूल कारण बाजारवादी व्यवस्था में सिद्धांतों व चरित्र का सही मूल्यांकन न हो पाना है फलता जहां समाज का अधिकांश आवाम आज भी मौलिक अधिकारों से वंचित है वहीं उसका विस्वास भी व्यवस्था से उठता जा रहा है जिसका दोष व्यवस्था देख रहे व्यवस्थापकों को जाता हैं जो कि नियमों सिद्धांतों का अनुपालन समय समय पर अपने हित में अलग अलग ढंग से करते हैं जरूरत है हमें चरित्र व सैद्धांतिक मूल्यों को बढावा देते हुए जनता का विश्वास व्यवस्था में कायम रखने का इस मौके पर जनपद के उन वीर जवानों के परिजनों को सम्मानित किया गया जिन्होंने देश के आन मान सम्मान के रक्षा हेतु अपना जीवन अर्पित कर दिया शहीद परिजनों को सम्मानित करने हेतु आज समाचार पत्र सहित सभी कलमकारों की प्रसंशा करते हुए समाजसेवी सुदामाजी ने कि आज के कार्यक्रम में कलमकारों नें उस रचना को जीवन्त कर दिया कि
कलम आज उनकी जय बोल।। जला अस्थियां बारी बारी, छिटकाई जिसने चिंगारी।। जो चढ गये पुण्य वेदी पर लिए बिना गर्दन का मोल, कलम आज उनकी जय बोल।।
युं भी गुरूवशिष्ठ की पावन भूमि का इतिहास सदा सर्वदा त्याग बलिदान के साथ साथ सिद्धांतवादी मानवतावादी रहा है कभी सामान्तवादी नहीं रहा है कार्यक्रम का संचालन पंकज त्रिपाठी ने किया इस मौके पर अनिल पाण्डेय, वृहस्पति पाण्डेय, अशोक श्रीवास्तव, राजा पाण्डेय, वशिष्ठ पाण्डेय, आलोक अवस्थी,राकेश गिरी,पुष्कर मिश्र,कर्नल के.सी.मिश्र सहित सैकड़ों लोग मौजूद रहे

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