मुख्यालय भेजे गए नैनी जलसंस्थान के अनुभवी पाइप लाइन श्रमिक, होगा आंदोलन

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आर के पांडेय की रिपोर्ट
नैनी, प्रयागराज

दस साल से अधिक समय से कम वेतनमान पर अपनी सेवाएं प्रदान कर रहे नैनी जलसंस्थान के सात संविदा पाइप लाइन श्रमिकों को मुख्यालय भेजे जाने से सहयोगी संविदा कर्मियों ने नाराजगी जताई है और उन्होने आंदोलन का निर्णय लिया है।
संविदा पर काम करने वाले पाइप लाइन कर्मचारियों का कहना है कि मात्र साढ़े सात हजार रुपये मासिक पारिश्रमिक में काम कर किसी तरह अपना और परिवार का भरण पोषण करते चले आ रहे हैं। तेरह-चौदह सालों से इतने कम वेतन पर काम करते हुए उन्होने जलसंस्थान की सेवा सुचारू रूप से चलाए रखा। बदले में उनका शोषण विभाग द्वारा किया जा रहा है। नैनी की गली गली से परिचित इन कर्मचारियों को शहर में भेज दिया गया है। जहां की भौगोलिक स्थिति से वे अनभिज्ञ हैं। इस तरह की परिस्थिति में जहां उनको अपने काम करने में परेशानियां उठानी पड़ेगी। वहीं जनता में काम देरी से होने पर गुस्सा पनपेगा। जिससे विभागीय अधिकारियों के लिए दिक्कतें पैदा हो सकती है। जिन पाइप लाइन श्रमिकों को मुख्यालय भेजा गया है, उनमें नैनी, करछना के अलावा सराय इनायत व सोरांव के श्रमिक शामिल हैं। इस बावत नैनी जलसंस्थान के प्रबंधक का कहना है कि आउट सोर्सिंग पाइप लाइन श्रमिकों को डूडा से सम्बद्ध कर दिया गया है। उनको विभाग में ही एक जोन से दूसरे जोन भेजा गया है। जिनको डूडा के माध्यम से काम कराया जाएगा और उनके बैंक खाते में वेतन की राशि भेज दी जाएगी। जबकि पाइप लाइन श्रमिकों का कहना है कि डूडा और जलसंस्थान के अधिकारी फिल्ड में काम करने वाले कर्मचारियों की समस्याओं पर ध्यान नहीं दे रहे हैं। जो कर्मचारी दूसरे जोन के क्षेत्र से अनभिज्ञ होंगे तो उनको कार्यस्थल तक पहुंचने में देर होगी। जिससे जनता के गुस्से का सामना करना होगा और विभाग उनकी मदद करता ही नहीं। लिहाजा इस तरह के निर्णय के विरूद्ध आंदोलन की चेतावनी जलसंस्थान महा प्रबंधक को दी गई है।

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