मा0 सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के बाद श्रीराम जन्मभूमि मन्दिर निर्माण के जल्द निर्माण की उम्मीद

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आर0के0 पाण्डेय की विशेष रिपोर्ट

पर्दाफ़ाश न्यूज

प्रयागराज/अयोध्या
मा0 सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद श्रीराम जन्मभूमि मन्दिर के जल्द निर्माण का भरोसा
प्रयागराज/अयोध्या, 10 नवम्बर 2019। मा0 सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद अयोध्या में भव्य श्रीराम जन्मभूमि मंदिर की तैयारी जोर पकड़ रही है।
जानकारी के अनुसार मा0 सुप्रीम कोर्ट से अयोध्या केस में 1045 पृष्ठों का अंतिम निर्णय आ जाने के बाद भव्य श्रीराम जन्मभूमि मन्दिर निर्माण की तैयारी जोर पकड़ने लगी है। हर हिन्दू की यही इच्छा है कि यह मंदिर जल्द बने।
बता दें कि मा0 सर्वोच्च अदालत ने अयोध्या केस में विवादित स्थल श्रीराम जन्मभूमि मन्दिर के लिए दिया है जबकि मस्जिद के लिए पांच एकड़ जमीन देने का आदेश भी किया है।
आज अयोध्या भ्रमण के दौरान कारसेवक पुरम में यह जानकारी मिली है कि प्रस्तावित श्रीराम जन्मभूमि मन्दिर पूरी तरह सोमनाथ मंदिर के तर्ज पर बनेगा तथा यह अष्टकोणीय मन्दिर कुल 5 भाग में 2 तलों का होगा जिसमें अग्रभाग सिंहद्वार, नृत्य मंडप, रंग मंडप, राम कथा कुंज, कला मंडप व वेद पाठशाला शामिल रहेंगे। यह मंदिर 16 फीट के गर्भगृह के साथ 65 फीट के ऊंचाई वाले शिखर वाला होगा जिसमें 251 स्तम्भ होंगे व प्रत्येक स्तम्भ में 16 मूर्तियां होंगी।सीढ़ियों से आगे 8 फीट ऊंचा प्रथम चबूतरा होगा और प्रथम चबूतरे के बाद 10 मीटर चौड़ा परिक्रमा मार्ग बनेगा। मन्दिर परिसर में सन्त निवास एवं यात्री निवास भी होगा। इस मंदिर निर्माण के लिए पत्थरों को तराशने के लिए सितम्बर 1990 में अयोध्या स्थित कारसेवक पुरम में कार्यशाला स्थापित की गई थी जिसके लिए राम जन्मभूमि न्यास के पूर्व अध्यक्ष महंत राम चन्द्र परमहंस ने अपनी जमीन दान में दी थी। यह भी बता दें कि विगत 29 वर्षों से इस मंदिर निर्माण के लिए पत्थरों के तराशने में उत्तर प्रदेश, राजस्थान व गुजरात सहित देश के कई भाग के कारीगर लगे हुए हैं। यह भी बताया जा रहा है दो तिहाई पत्थर तराशे जा चुके हैं। प्रस्तावित मॉडल के साथ ही पूजित व तराशी गई शिलाएं इसी कार्यशाला में रखी हुई हैं। प्रथम तल के लिए सभी आवश्यक पत्थर तराशे जा चुके हैं व द्वितीय तल के पत्थरों के तराशने का कार्य जोरों पर है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार आगामी राम नवमी को इस मंदिर का निर्माण शुरू हो जाएगा जोकि आगामी ढाई से तीन साल में पूरा हो जाएगा। फिलहाल हिन्दू समाज अपने आराध्य श्रीराम के टेंटवास से भव्य मंदिर वास से आह्लादित है व दोनों समुदायों के साथ पूरे देश मे सौहार्द कायम है व लोगों को राष्ट्र के विकास की नई ऊंचाइयों पर पहुंचने एवं भारत के पुनः विश्वगुरु बनने का विश्वास है।

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