बाढ़ के कहर पर एक नजर

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प्रयागराज बाढ़ पर एक नजर!
क्या है बाढ़ ?

पर्दाफाश न्यूज प्रयागराज

प्रयागराज मे पिछले कई दिनो से गंगा और यमुना का जल स्तर अत्यधिक बढ़ गया है जिसको आम लोग बाढ़ कह रहे है लेकिन मेरा मानना है कि ये बाढ़ नही है, गंगा जमुना की जमीन है ये समय समय पर अपनी सीमा देखने आ जाती है, लोग अबैध प्लाटिंग कर के दूर दराज से आये नौकरीपेशा लोगों को गंगा जमुना नदी की जमीन बेच दीगयी। इस अबैध प्लाटिंग को प्रशासन भी होने दिया, जो जमीन नदी का होना चाहिए वहा मकान बन गया बड़े बड़े सौ सौ कमरे के लाज बन गए और बड़े गर्व के साथ लाज मालिक कहते है मेरे दो लाज है, मेरे पांच लाज है, आखिर बिना नक्शा पास किये ये मकान कैसे बने, विकास प्राधिकरण व जिला प्रशासन क्षेत्रीय लेखपाल , क्षेत्रीय निरीक्षक क्या कर रहे थे जब ये मकान बन रहा था? जब माँ गंगा जमुना की कोख बेची जा रही थी , खुले बाजार में महंगी कीमत में रजिस्ट्री हो रही थी तब रजिस्ट्री कार्यालय प्रशासन क्या कर रहे थ? जब छोटे बड़े तालाबो को पाटा जा रहा था, उस पर कब्जा कर मकान बनाया जा रहा था तब शासन प्रशासन क्या कर रहा था? समाज के कुछ चंद दबंग लोगो ने तालाब कब्जा किया और पाट दिया जहाँ वर्षा का पानी रुकता था, कुछ गुंडे मवाली किस्म के लोगो ने गंगा जमुना की कोख को भरे बाजार में खुलेआम बेच दिया और कम पैसे वाला गांव को छोड़ कर शहर में माँ की गोद मे अपना मकान बनवा लिया।
जब माँ अपने क्षेत्र में आयी तो उसे बाढ़ का नाम दे दिया और इसी बाढ़ की आड़ में सुविधा देने के नाम पर मनमानी ढंग से सरकारी खजाना लूटने का काम भी शुरू हो चुका है। पहले प्लाटिंग कर के , फिर मकान बनाने , तालाब कब्जा कराने में पैसा लिया गया इसके बाद वर्षा में पानी भर गया तो बाढ़ बाढ़ चिल्ला कर यहां भी लूट शुरू आखिर इसका कोई स्थायी रास्ता है या नही? विचार इस पर होना चाहिये, न कि मेयर साहब नही है वो नही है ये नही है वगैरह वगैरह!!!!!
1978 की बाढ़ की सीमा से 500 मीटर में कोई भी स्थाई निर्माण नही होना चाहिये अगर होता है तो जिलाधिकारी के ऊपर कार्यवाही होनी चाहिये 2004 के बाद से 1978 बाढ़ सीमा क्षेत्र में कितनी रजिस्ट्री हुई, कितने मकान बने जिन्हों ने रजिस्ट्री की है उनके खिलाफ रासुका लगना चाहिए क्यो कि उन्होंने माँ की कोख को बेच कर शासन प्रशासन सरकार और जनमानस को एक बहुत बड़ी समस्या में कर दिए है जिसे आम भाषा मे बाढ़ कहते है।
आखिर तालाब पर कब्जा कब हटे गा जिसमे बरसात का पानी रुक जाए नदियों में न आये, तालाब कब्जा मुक्त कराना किसका काम है सिर्फ सरकार का या हमारा आप का भी? आखिर 1978 से पहले कभी प्रयागराज में बाढ़ आई है? मैंने तो सुना है पहले बालसन तक जमुना नदी बहती थी?
आखिर इस समस्या का स्थायी निदान क्या है? तालाब पाटना या खोदना , नदी क्षेत्र को सुरक्षित खाली छोड़ना/ रखना या उसमे मकान बनाना ?

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