एक विधान, एक प्रधान, एक निशान का लक्ष्य पूरा- अधिवक्ता आर के पाण्डेय

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पर्दाफ़ाश न्यूज़ टीम
प्रयागराज/लखनऊ

अखण्ड भारत वर्ष के प्रत्येक नागरिक के लिए गौरव की बात है कि केंद्र की मोदी सरकार ने जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 को खत्म करके उसका पूर्णतः विलय भारतीय गणराज्य में करके जम्मू कश्मीर व लद्दाख नामक दो केंद्र शासित प्रदेश भी बना दिये हैं। सरकार के इस ऐतिहासिक कार्य से अब भारत मे वास्तविक रूप से एक विधान, एक प्रधान, एक निशान की व्यवस्था लागू हुई है जिससे एक नए युग की शुरुवात हुई है व लौह पुरुष
सरदार पटेल और डा.श्यामा प्रसाद के सपने पूरे हो गए हैं। इसी के साथ तथाकथित कुछ सेक्युलर पाक परस्त दलों व नेताओं को कश्मीर पर कोई विधवा विलाप करने की जरूरत नही है। भारतीय नागरिक जानते हैं कि आज हमारा देश सर्वाधिक सुरक्षित हाथों में है।

आजादी के बाद से जम्मू कश्मीर में चर्चित तीन राजनैतिक परिवारो ने काश्मीरीयत समाप्त करने में कोई कसर नही छोड़ा और वहां की जनता को बेवकूफ बनाकर स्वयं को भ्रष्टाचार और विलासितापूर्व जीवन जीने का ढोंग किया।

कश्मीर में 42000 निर्दोष जनता की हत्या के लिए दोषी और डेढ़ करोड़ लोगों को सुविधाओं से वंचित रखने का पाप किसने किया।

पाक ने कश्मीर को हमेशा एक शस्त्र के रूप में इस्तेमाल किया अब उससे निजात मिलेगी। आगे पाक अधिक्रित कश्मीर भी हमारा होगा इसमें कोई दो राय नही है।उ

केन्द्र सरकार की योजनाएं वहाँ कागजों में सिमटकर रह गई और स्थानीय सरकार रिकार्ड भ्रष्टाचार कर फर्जी वाहवाही लूटती रही।

अब धमकी और दबाव की बात कोई मत करें और सनद रहे कि केंद्र में अब भाजपा और देश की सवा सौ करोड़ लोगों की ताकत वाली शक्तिशाली मोदी जी के नेतृत्व में भाजपानीत सरकार है जिसे सभी धर्मो का सम्मान और ख्याल है। मेरा दावा है कि काश्मीर के अमन पसंद लोगों को आजादी मिली है आनन्द से जीने का और अब कोई ताकत कश्मीरियो के इस सुख से वंचित नही कर सकती.
हां आतंकियो को जरूर चुनचुन कर हूर की परियों के पास भेजा जाएगा। घाटी की हंसीन वादियों में अब प्राकृतिक सौंदर्य का वास्तविक सुख सभी को मिलेगा।

सोचने का विषय यह है कि 1954 से इस काले अध्याय ने कौन सा काश्मीर का भला किया। अभी तक की सरकारों ने कश्मीरी अवाम को छला और पाक समर्थको को खाद पानी देकर धरती के स्वर्ग में रहने वालों का जीवन नारकीय बना दिया गया।

कश्मीर के बारे में नकारात्मक बातें बेशरम लोग कर रहे हैं। जब कश्मीरी हिन्दुओं को जुमा की नमाज के बाद महिलाओं और मकान छोड़कर भागने को मजबूर किया गया। रातो रात अपनी बहन बेटी बहू और संपत्ति को छोड़कर भागना पड़ा। आज वो महिलाए जिंदा हैं या नही और अगर हैं तो किन हालातों में होंगी और इसके लिए कौन जिम्मेदार है?

कश्मीर हिन्दुस्तान का स्वर्ग है और इसको नरक बनाने वालों के साथ कैसा बर्ताव करना है ये राष्ट्रविरोधी लोग नही तय करेंगे। एक बात पूरी तरह स्पष्ट हो जानी ठीक है कि सभी अलगाववादी और पाक परस्त मानसिकता वाले जान लें कि कश्मीर के हितो से समझौता नही किया जा सकता और जिन्हें तकलीफ है वो बिना विलंब के अपनी जान सही सलामत लेकर पाक चले जाएं तो ही उचित है और कुछ गिने चुने निकम्मे लोगों की वजह से पूरे समाज को संदिग्ध न बनाएं।

आजादी मिलने के बाद अभी तक विकास की सारी योजनाएं कश्मीर वाले तीनो राजनैतिक गैंगेस्टर हड़प कर जाते थे। गजम्मू को जूठन और लद्दाख को ठेंगा दिखाया जाता था। अब अराजकता की जगह बहुमुखी विकास होगा। लेह लद्दाख और जम्मू काश्मीर का सर्वांगीण विकास किया जाएग.विकास के नए आयाम स्थापित होंगे। वादियों को रक्तपात वाले युग से निजात मिलेगी। ग्रामीण एवं शहरी विकास, टेक्नालाजी एवं पर्यटन का अभूतपूर्व विकास होगा। स्वास्थ्य, शिक्षा, आवास,सोलर और ऊर्जा के क्षेत्र में नए कीर्तिमान बनेगे। कश्मीर का प्रतिनिधि कश्मीर से ही होगा पाक से नही। नई व्यवस्था में सरकार के फैसले काफी सुखद होंगे।आज 75% काश्मीरी अवाम धारा 370 समाप्त किये जाने का मुक्तकंठ से सराहना कर रही है। इसी के साथ यह भी तय है कि राष्ट्रहित से जिस भी दलों ने खिलवाड़ किया उसका अंत कम्युनिस्टों जैसा होना तय है।

(लेखक एक वरिष्ठ समाजसेवी व उच्च न्यायालय इलाहाबाद में अधिवक्ता हैं।)

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