जिलाधिकारी ने की संचारी रोग नियंत्रण अभियान की समीक्षा, करछना, बहरिया के प्रभारी चिकित्साधिकारी को प्रतिकूल प्रविष्टि के निर्देश

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आर के पाण्डेय की रिपोर्ट
प्रयागराज

जिलाधिकारी प्रयागराज भानुचंद्र गोस्वामी की अध्यक्षता में संचारी रोग नियंत्रण अभियान की समीक्षा बैठक संगम सभागर में की गयी, जिसमें मुख्य चिकित्साधिकारी जी0एस0 वाजपेयी, जिला कार्यक्रम अधिकारी-मनोज कुमार राव सहित सम्बन्धित समस्त अधिकारीगण एवं चिकित्सा विभाग के अधिकारीगण मौजूद थे।
संचारी रोग अभियान की समीक्षा बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने प्रगति रिपोर्ट पर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि नगर निगम द्वारा नगर क्षेत्र में वातावरणीय स्वच्छता के उपायों, शुद्ध पेयजल के उपलब्धता एवं मच्छरों की रोकथाम हेतु अपशिष्ट जल निकासी के लिए नालियों की नियमित सफाई कराना एवं लोगों को स्वच्छ जीवन शैली अपनाने के लिए व्यवहार परिवर्तन हेतु जागरूक करना चाहिए। दूषित जल भराव वाले स्थलों को चिन्हित कर उन्हें समाप्त करने का उपाय करे। खुली नालियों को ढकने की व्यवस्था की जाय। नगर क्षेत्र में विशेषकर मलिन बस्तियों में आबादी के बीच हो रहे सुअर पालन को आबादी से दूर करने की व्यवस्था की जाय। सड़क के किनारे उगी वनस्पितियों को नियमित रूप से हटाया जाने की व्यवस्था की जाय। मलिन बस्तियों/संवदेनशील क्षेत्रों में शुद्ध पेयजल की उपलब्धता, पाइपलाइन की लीकेज को ठीक कराना एवं खुले मे शौच न करने हेतु जागरूक करना एवं शौचालय एवं सोकपिट का निर्माण कराया जाना सुनिश्चित किया जाय। नगर के क्षेत्रों में साप्ताहिक अन्तराल पर नियमित रूप से फागिंग की व्यवस्था की जाय। पशु पालन विभाग की समीक्षा में जिलाधिकारी ने कहा कि सुअर पालकों को अन्य व्यवसाय अपनाने हेतु प्रेरित किया जाना चाहिए। सुअर पालन स्थल पर वेक्टर (मच्छरों) नियंत्रण एवं सीरो सर्विलांस की व्यवस्था करना सुनिश्चित करें। सुअर बाड़े को मनुष्य की आबादी से दूर स्थापित किया जाना चाहिए। शिक्षा विभाग द्वारा ए0ई0एस0/जे0ई0 तथा अन्य संक्रामक रोगों से बचाव वातावरणीय एवं व्यक्तिगत स्वच्छता के उपायों, खुले में शौच न करने तथा साबुन से हाथ धोने इत्यादि के विषय में प्रार्थना सभा में विशेष कक्षाओं के माध्यम से बच्चों को जागरूक किया जाना चाहिए। प्रत्येक विद्यालय से इस सम्बन्ध में एक नोडल शिक्षक नामित करना जो प्रतिदिन बच्चों को प्रातः कालीन प्रार्थना में बच्चों को स्वस्थ्य जीवन शैली अपनाने के सम्बन्ध में जागरूक करेंगे। संक्रामक रोगों पर नियंत्रण तथा इस हेतु स्वच्छता को अपनाये जाने के संदेशों के साथ रैलियों का आयोजन, गोष्ठी, वादविवाद प्रतियोगिता एवं कला प्रतियोगिता का आयोजन किया जाना सुनिश्चित करेंगे। दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग द्वारा जनपद स्तर पर स्थापित डिस्ट्रिक्ट डिसेबिलिटी रिहैविलिटेशन सेन्टर का सुदृढ़ीकरण किया जाना, जिससे कि दिव्यांग बच्चों को इस योग्य बनाया जा सके कि अन्य शिक्षण संस्थानों मे सामान्य बच्चों के साथ शिक्षा  ग्रहण कर सके। महिला एवं परिवार बाल कल्याण विभाग द्वारा आई0सी0डी0एस0 से अपेक्षा है कि आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों को अपने स्तर से कार्यक्रम के सम्बन्ध में महिलाओं एवं लोगों को जागरूक करने हेतु अपने स्तर से निर्देशित किया जाय। साथ ही आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों को संचारी रोगों तथा दिमागी बुखार हेतु प्रशिक्षण प्रदान कर सेन्सिटाईज किया जाना चाहिए। कृषि एवं सिंचाई विभाग द्वारा ठहरे हुए पानी मे मच्छरों के प्रजनन रोकने के उपाये किये जाने चाहिए साथ ही मच्छर रोधी पौधों को उगाया जाना चाहिए। खेतों में चूहों पर प्रभावी नियंत्रण के सुरक्षित उपाय बताना चाहिए, जिससे कि ए0ई0एस0 रोग के प्रसार को कम किया जा सके। ग्रामीण आबादी के निकट नहरों में जल क्षरण की मरम्मत करना ताकि मच्छर के प्रजनन के स्थान कम किये जा सके। जिलाधिकारी ने प्रगति सन्तोषजनक न मिलने पर कार्यवाही करने के निर्देश दिये है। इस कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही कत्तई क्षम्य नहीं है।

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