शोहरतगढ़ क्षेत्र में चल रहे इण्टर कालेज की मान्यता को लेकर सवाल, आरोप है कि आई.जी.आर.एस. शिकायत पर लगाई जा रही मनगढंत व फर्जी रिपोर्ट

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पंकज चौबे की रिपोर्ट
सिद्धार्थनगर

यूँ जो जनपद में अबैध व बिना मान्यता के स्कूलों की भरमार है, जब किसी समाजसेवी या पत्रकार द्वारा अबैध तथा गैरमान्यता प्राप्त विद्यालयों पर प्रकाश डाला जाता है तो कार्यवाही के नाम पर शिक्षा विभाग अगल ही राग अलापता है।

ताजा मामला सिद्धार्थनगर जनपद के शोहरतगढ़ ब्लाक संसाधन केन्द्र अर्न्तगत पी.पी.एस पब्लिक शिक्षा केन्द्र, (कक्षा एल.के.जी से 12 तक, यू.पी. बोर्ड हिन्दी/अंग्रेजी माध्यम) शोहरतगढ़, सिद्धार्थनगर जो कि बोर्ड से स्पष्ट है। जिसका रजिस्ट्रेशन नम्बर 4089 बताया जा रहा है।
उक्त विद्यालय के मान्यता को लेकर गड़ाकुल निवासी पवन कुमार ने एक आनलाइन शिकायत 40018419009980 के माध्यम से दर्ज कराई जिसमे उन्होने बेसिक शिक्षा विभाग को सम्बोधित करते हुए लिखा कि, पी.पी.एस. पब्लिक स्कूल जिसकी मान्यता पैसा लेकर सभी मानको को दरकिनार करते हुए दिया गया। प्रश्नगत विद्यालय की मान्यता कक्षा 1 से 8 तक की है जबकि विद्यालय कक्षा 1 से 12 तक कक्षाऐं संचालित होती है, इसके अतिरिक्त विद्यालय के कक्षा 9 से 12 तक के छात्रों का दाखिला कई वर्षो से जय किसान इण्टर कालेज, सकतपुर सनई सिद्धार्थनगर से कराया जा रहा है। आश्चर्य की बात यह है कि विद्यालय ब्लाक संसाधन केन्द्र से मात्र 200 मीटर की दूरी पर है।

बात यहां तक तो ठीक थी, लेकिन जब विभाग ने आई.जी.आर.एस. पर हास्यासपद रिपार्ट लगाई तो अनेकों पोस्ट सोसल मीडिया पर वायरल होने लगे। पी.पी.एस. पब्लिक स्कूल के प्रधानाचार्य सूर्यकान्त उपाध्याय द्वारा खण्ड शिक्षा अधिकारी को सम्बोधित आई.जी.आर.एस. शिकायती पत्र के सापेक्ष यह बताया गया कि पी.वी.एस. पब्लिक स्कूल गड़ाकुल शोहरतगढ़, सिद्धार्थनगर बेसिक शिक्षा परिषद से मान्यता प्राप्त है और इसमें कक्षा 1 से 8 तक की ही कक्षायें संचालित की जा रही है विद्यालय में कक्षा 9 से 12 तक की कोई भी कक्षा संचालित नहीं की जा रही है। विद्यालय के आसपास कई कोचिंग संस्थायें चलती है, जिन्हे लोग गलतफहमी वश विद्यालय का ही कक्षा मान बैठते हैं अतः शिकायतकर्ता द्वारा लगाया गया आरोप निराधार है।

प्रकरण यहीं से चर्चा में आ गया, उक्त की जानकारी सोसल मीडिया व शिकायतकर्ता से मिलने के बाद टीम गड़ाकुल के उस विद्यालय पहुँची जहां की शिकायत की गयी थी। तो चला की विद्यालय के पास कोई कोचिंग सेन्टर ही नहीं है।
इसके साथ कई और तथ्य सामने आये, जिसमें स्पष्ट लग रहा था कि शोहरतगढ़ क्षेत्र में नं0 1 साइन्स कालेज उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त पी.पी.एस. पब्लिक स्कूल (कक्षा प्लेवे से 12 तक, यू.पी. बोर्ड (बायो/मैथ ग्रुप, माध्यम हिन्दी/अंग्रेजी) में कक्षा 12 तक की शिक्षा चलती है, जिसका प्रमाण स्कूल के प्रचार वाली बोर्ड/बैनर से दिख रहा है और खुद विद्यालय के बच्चे भी उसका प्रचार प्रसार कर रहें हैं।

इसके साथ ही स्थानीय समाचार पत्रों में प्रकाशित न्यूज भी शामिल है, जिसमें विद्यालय परिवार ने यू.पी.बोर्ड की परीक्षा में उत्तीर्ण परिक्षार्थियों को बधाई दी है।

अब सवाल यह है हकीकत को छुपाने के लिए प्रधानाचार्य महोदय द्वारा 3-5 क्यों किया जा रह है, वह तो वहीं जाने लेकिन प्रकरण में तथ्य कुछ और ही कह रहे है।

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