नैनी पुलिस को जमीनी विवाद में नरसंहार का इंतजार ?

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आर के पाण्डेय की रिपोर्ट
प्रयागराज

प्रयागपुरम में विवादित भूखण्ड पर एक पक्ष लाव लश्कर के बीच बाउंड्री बनाता है तो दूसरे पक्ष की महिलाएं अपने हाथ से पुश्तैनी जमीन जाती देख बाउंड्री गिरा देती हैं। फिर होती है 100 डायल और नैनी पुलिस की एंट्री, जो निशाना बनाती है निहत्थी महिलाओं को और डंडे फटकार कर उनको भागने पर मजबूर कर देती है, जबकि इस विवादित भूमि पर उप जिला मजिस्ट्रेट करछना की अदालत ने उभय पक्षों को यथास्तिथि बनाए रखने का आदेश दिया है, जो नैनी पुलिस के लिए महज रद्दी कागज बन कर रह गया है। रविवार की सुबह के इस रियल ड्रामें को लेकर पुलिस की कार्यशैली पर सवालिया निशान लगना लाजिमी है।
नैनी थानान्तर्गत चक दोन्दी चीनी मिल निवासी लालता प्रसाद व उसके पट्टीदारों ने अधिकारियों को दिए गए शिकायती पत्र में आरोप लगाया है कि करछना तहसील के राजस्व गांव इंदलपुर में उनकी पुश्तैनी जमीन है, जिसकी मौजूदा समय में बाजारु कीमत दो करोड़ रुपए से ज्यादा है। अभी तक उस जमीन का न तो खानगी बंटवारा हुआ है और न ही सरकारी बंटवारा हुआ है। उसके बावजूद उनके सह खातेदार ने एक दबंग के हाथों बैनामा कर दिया, जिसकी जानकारी होने पर उन लोगों ने उप जिला मजिस्ट्रेट करछना के न्यायालय में वाद दाखिल किया, जिस पर अदालत ने उभय पक्षों को यथास्तिथि बनाए रखने का आदेश पारित कर दिया। वह स्थगनादेश आज भी प्रभावी है। उसके बावजूद कौड़ियों के दाम जमीन खरीदने वाले ने बलपूर्वक बाउंड्री बनवानी शुरु कर दी, जिसका उन लोगों ने विरोध करते हुए पुलिस को प्रार्थना पत्र दिया, परन्तु पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध कार्रवाई करने की बजाय उन्ही लोगों को लॉकप में ठूंस दिया और शांति भंग करने के आरोप में चालान कर दिया था।
पुलिस की एकतरफा कार्रवाई से मनबढ़ हुए आरोपी ने रविवार की सुबह फिर बाउंड्री बनवाने का काम शुरु करा दिया, जिसका विरोध करने परिवार की महिलाएं वहां पहुंची तो आरोपी ने अपने रसूख से मौके पर महिला पुलिस बुला ली, जिनोन्हे हम लोगों का पक्ष जाने बिना पुलिसिया धौंस जमाते हुए डंडे पटकते हुए महिलाओं को भागने पर मजबूर कर दिया।

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