राज्य कर्मचारी बीमा कालोनी में पेयजल संकट से चार सौ लोग प्रभावित

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आर के पाण्डेय की रिपोर्ट
नैनी, प्रयागराज

गंगा-यमुना के तट पर बसे नैनी प्रयागराज में भीषण गर्मी पड़ने से भूमिगत जलस्तर में लगातार गिरावट आई है। जिससे यहां ट्यूबवेल के जरिए पानी की सप्लाई पर असर पड़ा है। नैनी सड़वा स्थित राज्य कर्मचारी बीमा कालोनी के चार सौ लोगों और अस्पताल के मरीजों को ट्यूबवेल से जलापूर्ति नहीं होने के कारण एक पखवारे से पानी का संकट झेलना पड़ रहा है। कालोनी के लोग दूर-दराज के गांवों में लगे हैण्डपम्प से पानी भरने सुबह तड़के पहुंच जा रहे हैं। अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. ईश्वर चंद्र को समस्या के बारे में कालोनी वासियों और नलकूप आपरेटर ने कई बार लिखित रूप से अवगत कराया। लेकिन समस्या का निदान नहीं हो सका है। हालांकि दोपहर में टैंकर के जरिए कालोनी वासियों और अस्पताल के मरीजों के लिए पानी सप्लाई व्यवस्था कराई जा रही है। लेकिन एक टैंकर पानी से लोगों की जरूरतें पूरी नहीं हो रही है। अस्पताल परिसर में बने ट्यूबवेल का मोटर भूमिगत पानी लिफ्ट नहीं कर पाने से यह समस्या पंद्रह दिनों से बनी हुई है। अब कालोनी के लोगों और मरीजों के तीमारदारों का सब्र भी जवाब देने लगा है।
आठ जून से राज्य कर्मचारी बीमा अस्पताल परिसर स्थित नलकूप के मोटर से भूमिगत पानी ‘लिफ्ट’ होना बंद हो गया। जिसकी वजह से एक लाख लीटर क्षमता वाली पेयजल टंकी में पानी भरना भी बंद हो गया। दूसरी तरफ अस्पताल में सप्लाई के लिए बनी 30 हजार क्षमता वाली पानी की टंकी भी खाली पड़ी है। इस दोहरे संकट से निजात को पानी का टैंकर मंगाया गया। लेकिन उससे भी पानी की जरूरत पूरी नहीं हो सकी। अस्पताल परिसर में बनी कालोनी में लगभग कुल चार सौ लोग रहते हैं। जबकि रोजाना अस्पताल आने वाले और यहां भर्ती मरीजों की संख्या लगभग डेढ़ सौ है। जिनके लिए भी पानी का संकट गहराया हुआ है। लोग सुबह तड़के से पानी की व्यवस्था में दूर दराज तक दौड़ लगाते हैं। वहीं पानी का टैंकर दोपहर में अस्पताल परिसर पहुंचता है। जहां पानी लेने को लोगों की कतार पहले से लगी रहती है।
नलकूप आपरेटर नगेंद्र का कहना है कि मोटर पम्प के साथ लगा ‘इनपेलर’ काम नहीं करने से पानी लिफ्ट नहीं कर रहा है। इसकी मरम्मत का ठेका होता है। जिसका टेण्डर चार पांच दिन पहले निकाला गया है। इसका बजट कानपुर क्षेत्रीय निदेशालय राज्य कर्मचारी बीमा की तरफ से जारी होता है। ट्यूबवेल में खराबी होने के बाद मोटर पम्प की मरम्मत की गई थी। जिससे दो दिन तक ट्यूबवेल से जलापूर्ति होती रही। लेकिन दो दिन बाद ही फिर मोटर ने पानी लिफ्ट करना बंद कर दिया। जिसके बाद से जलापूर्ति में संकट व्याप्त है। कालोनी वासियों का कहना है कि बीमा अस्पताल चिकित्सा अधीक्षक को कई बार लिखित रूप से अवगत कराया गया लेकिन बजट नहीं होने का बहाना बनाकर समस्या के निदान की बात टाल दी जाती है।

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