धार्मिक स्थलों पर फैलती अश्लीलता और गुन्डागर्दी, नैतिक पतन की पराकाष्ठा हो रही है साबित, कहानी जनपद के थाना चिल्हिया अन्तर्गत ऐतिहासिक स्थल- देवी पीठ मन्दिर…मां पल्टा देवी का स्थान की

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श्रीराम चौहान की कलम से
सिध्दार्थनगर

चैत्र मास से लेकर श्रावण मास तक भक्तों व श्रध्दालुओं का तांता लगा रहता है तथा अपार भीड होती है…यहां मुण्डन संस्कार के अलावा बहुत सारे धार्मिक अनुष्ठान सम्पन्न होते रहते हैं ।
इस देवी स्थान का पौराणिक महत्व व महिमा वेदों मे स्पष्ट रूप से मिलता है…
परन्तु यहां पर आजकल पूजा अनुष्ठान कम, डांस डिस्को व पाश्चात्य मनोरंजन ज्यादा होने लगा है इससे न सिर्फ सामाज का नैतिक पतन हो रहा है अपितु मन्दिर स्थल का भी अपमान हो रहा है । इसके साथ साथ मेला व्यवस्थापक की घोर लापरवाही भी देखी जा सकती है दर्जन भर डीजे के एक साथ कनफोडू आवाज से कभी भी आपके कान के पर्दे फट सकते हैं यहां देवी स्थान होते हुए भी ऎसे ऎसे अश्लील गाने डीजे पर बजाये जाते हैं कि आप शर्म से गड जाएंगे । चहुंओर अनावश्यक शोर शराबा से आपकी खोपडी फट सकती है ऎसे मे कोई भी अनहोनी घटना घट जाए तो कोई बचाव कार्य करना भी चाहें तो नही कर सकते…
और हुवा भी यही…आज एक मुण्डन संस्कार मे मै आमंत्रित था मेले मे घुसते ही ऎसा आभास हुवा जैसे किसी भयानक झंझावात मे मै फंस गया हूँ चारों तरफ से डीजे का शोर इतना डैन्जर डेसीविल पर रहा होगा कि कलेजा कांप रहा था…अश्लील गाने सारी नैतिकता को तार तार कर रहे थे…जैसे तैसे मै समय गुजार रहा था कि अचानक एक तरफ से भयानक शोर उठता हुवा अफरातफरी दिखायी दिया…मैने थोडा करीब जाकर स्थित को समझने का प्रयास किया…मैने देखा दो गुटों के बीच बुरी तरह से युध्द हो रहा था…थोडी देर मे पुलिस भी पहुंच गयी थी परन्तु उसे भी काफी मसक्कत करना पड रहा था क्योंकि रह रह कर दोनो गुटों झडप होती जा रही थी खास बात यह कि लोगों को समझाने बुझाने में सबसे बडा बाधक यही डीजे ही बन रहा था…बाद मे पता चला कि इसी डीजे और अश्लील गाने व डांस के चलते सारा फसाद हुवा है…हुवा ये कि डांस करने वाले दो ग्रुप एक दूसरे से भिड गये थे जिसमें कई लोग रक्त रंजित हुए और कुछ महिलाएं भी चोटहिल हुईं…
सोचने की बात यह है कि हम जहां पूरी दुनिया के सामने विश्व गुरू बनने का ख्वाब पाले बैठे हैं वहीं समाज के वास्तविक धरातल पर भारत के विलक्षण व अद्भुत संस्कारों पर पाश्चात्य की गन्दी व अश्लील सभ्यता इस हद तक हावी होती जा रही है कि अब हमारे मन्दिर जैसे स्थान भी उसकी जद मे आते जा रहे हैं।
यह बेहद चिन्तनीय है …।

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