कर्मठ प्रधानाध्यापक ने जेल में निरुद्ध रहते हुए प्रधानाध्यापक व दवा विक्रेता का भी निभाया दायित्व

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आर के पाण्डेय की रिपोर्ट
(नैनी, प्रयागराज)

प्रयागराज जनपद के नैनी क्षेत्र में एक बड़ा ही रोचक वाकया सामने आया है जिसमे एक कर्मठ प्रधानाध्यापक ने जेल में निरुद्ध रहते हुए भी अपने प्रधानाध्यापक व दवा विक्रेता की भी जिम्मेदारी निभाई है।
जानकारी के अनुसार शेषमणि त्रिपाठी श्री शक्ति विद्यापीठ जूनियर हाई स्कूल, बेदौ, करछना, प्रयागराज में वर्ष 2008 से नियुक्त व कार्यरत हैं। उनके द्वारा लगाए गए अनुभव प्रमाण पत्र के अनुसार वह जुलाई 1999 से फरवरी 9, 2008 की तिथि में अनवरत कार्यरत रहे हैं। दिलचस्प बात यह है कि कार्यालय वरिष्ठ जेल अधीक्षक, केंद्रीय कारागार, नैनी, प्रयागराज के पत्र दिनांक 14/04/2015 के अनुसार यही शेषमणि त्रिपाठी अप0स0- 130/2001 अंतर्गत धारा-384 आई0पी0सी0 थाना-जार्जटाऊन के तहत दिनांक-18/08/2001 से 21/08/2001 तक केंद्रीय कारागार नैनी में निरुद्ध थे जबकि अध्यापक उपस्थिति पंजिका के अनुसार वह उपरोक्त तिथियों में विद्यालय में सशरीर उपस्थित रहकर हस्ताक्षर भी बनाये हैं और साथ ही उन्ही तिथियों में वही शेषमणि त्रिपाठी में0 चन्द्रावती मेडिकल स्टोर के नाम से रामपुर में दवा भी बेचते रहे। यह बड़ा ही रोचक व रहस्यमय मामला समझ से परे है कि आखिर एक ही व्यक्ति एक साथ तीन अलग-2 स्थानों पर रेगुलर व सशरीर उपस्थित कैसे रहा? फिलहाल इस मामले में समाजसेवी अधिवक्ता आर के पाण्डेय ने उपरोक्त प्रधानाध्यापक व दोनों विद्यालयों के प्रबन्धको से जरिये नोटिस जवाब मांगा था जिसे समय से न मिल पाने के बाद आर के पाण्डेय ने सक्षम व उच्च अधिकारियों से लिखित शिकायत करते हुए इसे अवैध व सम्मिलित धोखाधड़ी का कृत्य मानकर एफआईआर दर्ज कराकर जांच व विधिक कार्यवाही की मांग की है।

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