आओ युवा शक्ति को जाग्रत करे, अपने भारत को एक सशक्त मजबूत राष्ट्र बनाएं… पवन अवस्थी

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डिघरूवा

युवा शब्द का शाब्दिक अर्थ नौजवान होता है| वही नौजवान जो किसी भी उन्नतशील राष्ट्र की एक नींव और आधार स्तंभ है|किसी भी राष्ट्र की रीढ़ उसका युवा ही होता है|जो उस राष्ट्र को विकास एवं समृद्धि के पथ पर ले जाता है|जिस राष्ट्र के निर्माण में युवाओं की भागीदारी अधिक होगी उस राष्ट्र का विकास और उत्थान अतिशीघ्र होना सुनिश्चित है|आज जो भी राष्ट्र विकसित देशों की श्रेणी में विधमान हैं|उन्हें उस श्रेणी में लाने में उस राष्ट्र के युवाओं की भूमिका अग्रणी और सर्वोपरि रही है|अगर उस राष्ट्र के युवाओं ने अग्रणी भूमिका का निर्वहन सच्चे अर्थों में नहीं किया होता,तो वह राष्ट्र कभी भी विकसित राष्ट्र नहीं बन पाता|अत: किसी भी राष्ट्र को सर्वोच्च श्रेणी से अलंकृत एवं विभूषित करने वाला युवा ही होता है|अपना भारत एक ऐसा राष्ट्र है|जो युवाओं का राष्ट्र का कहलाता है|प्राचीन काल से ही भारत के युवाओं का एक अनूठा,चमत्कारिक,विस्मित इतिहास रहा है|इस बात से कभी इंकार नहीं किया जा सकता है|कभी वीर अभिमन्यु के रूप में, कभी एकलव्य के रूप में, कभी चंद्रशेखर के रूप में,कभी भगत सिंह के रूप में,हमारे युवा पुरोधा समय – समय पर अपने पराक्रम और साहस का उत्कृष्ट प्रदर्शन करते आए है|मगर आज हम युवा अपनी राह से भटक गए है|उसका कारण ये है|कि आज हम अपने युवा रणबांकुरो के गौरवशाली इतिहास को ही भुला बैठे हैं|आज हम दिन प्रति दिन अपनी पहचान खोते जा रहे हैं|आज हम अवनति और पतन के राह पर चल पड़े है|जिसके हमें आगामी समयावधि में विकट परिणाम भुगतने पड़ेंगे|आज हमारी संस्कृति को पश्चिमी सभ्यता खोखला किए दे रही है|हम दिन प्रति दिन पश्चिमी सभ्यता के चंगुल में फंसते चले जा रहे हैं|ऐसे ही अगर सब चलता रहा तो वो दिन दूर नहीं है|जब हम पूरी तरह पश्चिमी सभ्यता पर ही निर्भर हो जाएंगे|सनातन सभ्यता से युवा पीढ़ी का विमुख होना हमारे पतन का सबसे प्रमुख कारण बनेगा|अगर समय रहते हुए हम लोग जागृत नहीं हुए तो सनातन संस्कृति को स्मृति के अवशेषों में संरक्षित होना पड़ेगा|अगर हम चाहते है|कि ऐसा न हो तो हमारी युवा पीढ़ी को पश्चिमी सभ्यता के चंगुल से अपने आपको मुक्त कराना होगा|तभी अपना भारत फिर से अपने प्राचीन स्वरूप को पुन: पुनर्जीवित कर पाएगा|अन्यथा नहीं! आओ सभी युवा बन्धु मिलकर अपने भारत को पुन: विश्वगुरु एवं विश्व महाशक्ति बनाने में अपनी महती भूमिका का निर्वहन करें।

✍✍ पवन अवस्थी (विधि छात्र), डिघरुवा फतेहपुर (उ.प्र)*
९९८४७९९६६५,९४५२२२६४८७

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