प्रयागराज से बड़ी ख़बर- मायावी बालक ने एक साथ तीन जगह सशरीर उपस्थित होकर बनाया विश्व रिकॉर्ड, तीनो विद्यालय जवाब दे पाने में नाकाम, समाजसेवी अधिवक्ता ने इस विश्व रिकॉर्ड को किया चैलेंज, शिकायतकर्ता को जान से मारने की मिली धमकी

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पर्दाफ़ाश न्यूज़ टीम
प्रयागराज

प्रयागराज के एक मायावी बालक ने सशरीर एक साथ तीन जगह उपस्थित होकर विश्व रिकॉर्ड बनाया है जिस पर सीबीएसई व डीआईओएस को जवाब देने में तीनों ही विद्यालय नाकाम रहे हैं जिसके बाद समाजसेवी अधिवक्ता ने इस विश्व रिकॉर्ड को ही चैलेंज कर दिया है।
जानकारी के अनुसार महर्षि विद्या मंदिर, दूर्वाणी नगर, ए0डी0ए0 कालोनी, नैनी, प्रयागराज की प्रधानाचार्या पूजा चन्दोला ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए 2007-09 में उपरोक्त विद्यालय में इंटर की अवैध कक्षाएं संचालित करते हुए उसमे अपने बेटे कार्तिकेय चन्दोला को भी पढ़ाया जबकि उसी सत्र में उसने यूपी बोर्ड से इंटर की रेगुलर परीक्षा वर्ष 2009 में अनुक्रमांक 1117184 पर आदर्श शिक्षा निकेतन इंटर कालेज, उत्तरी लोकपुर, नैनी से पास किया तो इसी मायावी बालक ने तीसरे विद्यालय महर्षि विद्या मंदिर, ओल्ड मुगल रोड, नियर डिस्ट्रिक्ट जेल, फतेहपुर से सीबीएसई की 12 की रेगुलर परीक्षा भी अनुक्रमांक 5648426 से वर्ष 2009 में ही पास कर ली। इस प्रकार यह मायावी बालक कार्तिकेय चन्दोला ने अपनी मां पूजा चन्दोला की कृपा से एक साथ सशरीर तीन स्थान 125 किमी की दूरी पर स्थित अलग-अलग स्थानों पर उपस्थित होकर विश्व रिकॉर्ड बनाया है जिस पर सीबीएसई बोर्ड व डीआईओएस प्रयागराज द्वारा दिनांक 08 मई 2019 को नोटिस जारी करके मांगे गए जवाब को समय से दे पाने में उपरोक्त तीनो विद्यालय असमर्थ रहे हैं। वहीं शिकायतकर्ता समाजसेवी आर के पाण्डेय एडवोकेट हाई कोर्ट इलाहाबाद ने उपरोक्त प्रकरण को चैलेंज करते हुए सम्बंधित विद्यालयों व दोनों बोर्ड से कार्तिकेय चन्दोला के साथ उसके साथियों का भी पूरा ब्यौरा एवं सभी अभिलेख जरिये आर0टी0आई0 ऐक्ट,2009 की धारा 6(ए) व 9(एफ) मांगी है जिसके बाद तीनों विद्यालयों व दोनों ही बोर्ड में इस प्रकरण को लेकर हड़कम्प मचा हुआ है। उधर इस गम्भीर प्रकरण में शिकायतकर्ता आर के पाण्डेय एडवोकेट ने बताया है कि मायावी बालक के माता-पिता व तीनो विद्यालयो के संचालको द्वारा दबाव बनाकर शिकायत को वापस लेने अन्यथा की स्थिति में शिकायतकर्ता को जान से मार देने की धमकी दी जा रही है। फिलहाल इतने बड़े स्तर पर हुए इस व्यापक भ्रष्टाचार ने पूरे शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर ही प्रश्नचिन्ह खड़ा कर दिया है।

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