प्रयागराज से बड़ी खबर- बाल श्रम परियोजना के विद्यालयों में मिड-डे-मील में लाखों का अनियमित घोटाला, अनियमित वितरण से लगभग बीस लाख का मामला आया सामने, बीएसए प्रयागराज ने एलसी को पत्र लिखकर पल्ला झाड़ा, बच्चों के आहार में भी भर्ष्टाचार

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आर के पाण्डेय की रिपोर्ट
प्रयागराज

जनपद में संजय कुमार कुशवाहा, बीएसए प्रयागराज के हस्ताक्षर से मिड-डे-मील योजना में लगभग बीस लाख रुपये के घोटाले का मामला संज्ञान में आया है जिसका भेद खुलने पर बीएसए ने एल सी को रिकवरी हेतु पत्र जारी करके अपना पल्ला झाड़ लिया है।
जानकारी के अनुसार राष्ट्रीय बाल श्रम परियोजना द्वारा संचालित विद्यालयों में वर्षों से विशेष प्रशिक्षण केंद्र चलाये जाते रहे हैं जिनमे सत्र 2017-18 के दौरान मध्यान्ह भोजन योजना हेतु आबंटित धनराशि में भारी घोटाला सामने आया है। बताते है कि इन विद्यालयों में पंजीकृत बच्चों की संख्या के सापेक्ष कहीं-2 बहुत ही कम तो दूसरी तरफ कहीं-2 बहुत ही अधिक धनराशि का अनियमित आबंटन हो गया है। दिलचस्प तथ्य यह है कि इस योजना में बीएसए पदेन सचिव व डीएम पदेन चेयरमैन होता है इसके बावजूद इतनी बड़ी चूक किसी रहस्य से कम नही है। इस संदर्भ में अब तक की गई शिकायतों पर विभाग कोई भी ठोस कार्यवाही करने पर नाकाम रहा है। इस बावत संजय कुमार कुशवाहा, बीएसए प्रयागराज के सीयूजी न0 पर बात करने पर उन्होंने भी इस घोर अनियमितता को स्वीकार करते हुए बताया है कि उन्होंने इस घोटाले के धन की रिकवरी के लिए एल सी को पत्र जारी करके कार्यवाही करने को कहा है जबकि एल सी ने प्रकरण में कुछ भी बोलने से इनकार कर दिया है तो दूसरी तरफ एडीबेसिक रमेश तिवारी ने मीटिंग में होने का हवाला देकर फोन ही काट दिया जबकि मिड-डे-मील प्रभारी राजीव त्रिपाठी ने अनेकों बार फोन करने के बावजूद फोन ही नही उठाया। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार इन विद्यालयों का संचालन करने वाले एनजीओ का कहना है कि बिना उनके लिखित डिमांड के आये इस धन के व्यय हो जाने के लंबे समय बाद आबंटित धन की रिकवरी सम्भव नही है। फिलहाल जनपद के लोग तो इस बात से हतप्रभ है कि सीधे डीएम, बीएसए व मिड-डे-मील प्रभारी के निगरानी में चलने वाली इतनी बड़ी योजना में लोग बच्चों के आहार के साथ भ्रष्टाचार कैसे कर सकते हैं।

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