करंट लगने पर मौत की परवाह किया बगैर पिता ने बेटे को हाथ से छुड़ाया, 70 वर्षीय पिता की मौत, 9 दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के सुनने वाले पिता की निकली अर्थी

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पंकज चौबे की रिपोर्ट
सिद्धार्थनगर

जिस घर मे विधि-विधान से हवन पूजन की तैयारी चल रही हो अचानक ऐसी घटना घटी की हवन की जगह अर्थी की तैयारी होने लगी,जिसने भी घटना के बारे में सुना, कहने लगा हे भगवान! ये क्या हो गया।

हवन एवं भंडारे की तैयारी

जानकारी के अनुसार जनपद के शोहरतगढ़ विकास खण्ड के अठकोनिया निवासी सर्वजीत गोस्वामी जी के यहाँ 9 दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन किया गया था। बीते 29 अप्रैल से ही पूरा परिवार मंगल गीत गा रहा था। हर तरफ खुशियों का माहौल था, उनके घर पर रिश्तेदार, गाँव वाले, मित्र, सगे-संबंधी आदि जाकर कथा श्रवण का लाभ ले रहे थे। सोमवार की रात्रि तक सब कुछ सामान्य था। मंगलवार की सुबह से ही भंडारे हेतु उसकी तैयारी जोरों शोरो पर थी, की अचानक मोटर पंप से पानी कम आ रहा था, तो 9 बजे के लगभग सर्वजीत गोस्वामी जी से सोचा कि पानी कम आ रहा है, कही से लीकेज होगा तो इसे ठीक कर दूं। जैसे ही वे पंप के पाइप को छुए करंट की चपेट में आ गए। जिसे देखकर मौके पर सर्वजीत गोस्वामी को छुड़ाने के लिए पिता रामानन्द गोस्वामी ने लाठी से छुड़ाने के प्रयास किया, किंतु जब बेटे का दर्द सहा नही गया तब पिता ने हाथ से ही बेटे की छुड़ाने की हरसंभव प्रयास की। इसी बीच चीखपुकार सुनकर पत्नी भी दौड़ी चली आयी और वह भी पति को छुड़ाने के प्रयास की। किंतु वो झटका खाकर गिर गयी, पिता का प्यार ने मौत की परवाह किये बगैर अपने बेटे को बचा तो लिए। लेकिन घटना स्थल पर ही पिता की मौत हो गयी। अनान फानन में सर्वजीत गोस्वामी व उनके पिता को इलाज के लिए शोहरतगढ़ ने निजी हॉस्पिटल में इलाज के लिए ले जाया गया, लेकिन परिजनों को फोन कॉल रिस्पॉन्स नही मिलने पर सिद्धार्थनगर जनपद के पाठक हॉस्पिटल में इलाज हेतु भर्ती कराया गया। जहा उनका इलाज चला। डॉक्टरों ने कहा कि सर्वजीत गोस्वामी तो खतरे के बाहर है। साथ ही डॉक्टरों ने पिता के मौत की पुष्टि भी कर दी।

घर पर दुख में शामिल होती भीड़

बताते चले कि लगभग 15 वर्ष बाद सर्वजीत गोस्वामी का पुत्र संदीप गोस्वामी पेशे से मुम्बई में डॉ है, भी मांगलिक कार्यक्रम हवन में सम्मिलित होने आ रहे थे। उन्हें क्या पता कि हम हवन कार्यक्रम में नही बाबा की अर्थी में जा रहे है। जानकारी मिलने पर परिजनों का रोरोकर बुरा हाल है।

लाइट की चपेट में आकर पुनः जिंदगी पाए सर्वजीत गोस्वामी

बताते चले कि कर्मठी सर्वजीत गोस्वामी जी का मड़वा में भी अपना कारोबार है, जहा रहकर अपना व्यवसाय आदि करते है। साथ ही सर्वजीत गोस्वामी जी वेस्टीज नेटवर्क मार्केटिंग के लीडर है, जब उनके शुभचिंतकों को घटना की जानकारी हुई तो वे भी अपने नेटवर्क मार्केटिंग के हीरो सर्वजीत गोस्वामी को देखने पहुँच गए, जिनमे शिवम पाण्डेय, महेंद्र गुप्ता, धीरज गुप्ता, श्रवण कुमार पटवा, पंकज चौबे सहित ग्राम प्रधान अठकोनिया फतेह मोहम्मद व कई ग्रामवासी व परिजन मौजूद रहे। मंगलवार को विधिविधान से उनका अंतिम संस्कार लेदवा घर पर कर दिया गया।

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