प्रयागराज के समस्त मुद्रक/प्रकाशकों को लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 127क के उपबन्धों द्वारा किया गया विनियमित

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आर के पाण्डेय की रिपोर्ट
प्रयागराज

अपर जिलाधिकारी प्रशासन/उप जिला निर्वाचन अधिकारी, प्रयागराज विजय शंकर दूबे ने प्रयागराज के समस्त मुद्रक/प्रकाशकों को लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 127क के उपबन्धों द्वारा विनियमित किया जाता है। उक्त धारा127क निम्नलिखित उपबन्धित करता है।

127क- पैम्फलेट, पोस्टरों आदि के मुद्रण पर प्रतिबन्धः-
1.कोई व्यक्ति किसी ऐसे निर्वाचन पैम्फलेट अथवा पोस्टर का मुद्रण या प्रकाशन नही करेगा अथवा मुद्रित या प्रकाशित नहीं करवायेगा जिसके मुख्य पृष्ठ पर मुद्रक एवं इसके प्रकाशक का नाम व पता न लिखा हो।
2.कोई व्यक्ति किसी निर्वाचन पैम्फलेट अथवा पोस्टर का मुद्रण नही करेगा या मुद्रित नही करवायेगा,. जब तक कि प्रकाशक की पहचान की घोषणा उनके द्वारा हस्ताक्षरित तथा दो व्यक्ति जो उन्हें व्यक्तिगत रूप से जानते हो, द्वारा सत्यापित न हो तथा जिसे उनके द्वारा डुप्लीकेट में मुद्रक को न दिया जाय तथा जब तक कि दस्तावेज के मुद्रण के पश्चात उचित समय पर मुद्रक द्वारा दस्तावेज की एक प्रति के साथ घोषणा की एक प्रति न भेजी जाए। जहाॅं यह उस राज्य की राजधानी में मुद्रित हुआ है, उसके मुख्य निर्वाचन अधिकारी को, तथा किसी अन्य मामले में, जिले के जिला मजिस्टेªट को जहाॅं यह मुद्रित हुआ हैः-
(3) इस भाग के प्रयोजनार्थ:-
(क) हाथ से लिखी गयी प्रतियों के अलावा दस्तावेज की प्रतियों की संख्या बढ़ाने के लिए किसी प्रक्रिया को मुद्रण समझा जायेगा तथा वाक्यांश ‘‘मुद्रक’’ को तद्नुसार समझा जायेगा, तथा
(ख) ‘‘निर्वाचन पैम्फलेट अथवा पोस्टर’’ से तात्पर्य है अभ्यर्थी अथवा अभ्यर्थी के समूह के निर्वाचन के प्रचार या पूर्वाग्रह के उद्देश्य से वितरित किये गये हैण्ड बिल अथवा दस्तावेज या कोई इश्तहार जो निर्वाचन के सन्दर्भ में हो परन्तु जिसमे केवल निर्वाचन एजेन्टों अथवा कार्यकर्ताओं के लिए निर्वाचन सभा अथवा नेमी अनुदेशों की तिथि, समय, स्थान तथा अन्य विवरण की घोषणा से जुड़े कोई हैंडबिल, विज्ञापन अथवा पोस्टर शामिल न हो।
(4) कोई ब्यक्ति जो उप-धारा (1) अथवा उप धारा (2) के किसी भी उपबन्ध का उल्लंघन करता है, वह 06 महीने तक कारावास अथवा जुर्माना जिसे दो हजार रूपये तक बढ़ाया जा सकता है अथवा दोनांे से दण्डनीय होगा।
निर्वाचन पम्फलेटों, पोस्टरों इत्यादि के मुद्रण पर उक्त प्रतिबन्ध इन दस्तावेजों के प्रकाशकों एवं मुद्रकों की पहचान स्थापित करने के उद्देश्य से विधि द्वारा अधिरोपित किये गये हैं ताकि यदि धर्म, वंश, जाति, समुदाय या भाषा या विरोधी के चरित्र हनन इत्यादि के आधार पर अपील जैसे किसी ऐसे दस्तावेज जिससे कोई ऐसे मामले या सामग्री शामिल हो, जो अवैध, आपराधिक या आपत्तिजनक हो तो सम्बन्धित व्यक्तियों के विरूद्ध्र आवश्यक दण्डात्मक या निरोधात्मक कार्यवाही की जा सकती है। ये प्रतिबन्ध निर्वाचन पम्फलेटों, पोस्टरों के मुद्रण एवं प्रकाशन अनधिकृत निर्वाचन व्ययों पर रोक लगाने के उद्देश्य से हैं। किसी भी निर्वाचन पम्फलेट या पोस्टर तथा प्रकाशक द्वारा मुद्रित ऐसी अन्य सामग्री पर मुद्रण तथा प्रकाशक के नाम व पते का स्पष्ट रूप से उल्लेख किया जाएगा एवं मुद्रित होने के तीन दिनों के अन्दर मुद्रित प्रतियां (प्रत्येक मुद्रित सामग्री की तीन अतिरिक्त प्रतियों सहित) को प्रकाशक से घोषणा प्राप्त कर उसे उप निदेशक सूचना को मुद्रक द्वारा संलग्न परिशिष्ट श्कश् एवं श्खश् के साथ प्राप्त कराया जाएगा, जो जिला मजिस्ट्रेट/जिला निर्वाचन अधिकारी को सूचित करेंगे एवं प्रतिलिपि अपर जिलाधिकारी, नगर/प्रभारी अधिकारी, आदर्श आचार संहित एवं मुख्य कोषाधिकारी, प्रयागराज को भी उपलब्ध करायेंगे। मुद्रक मुद्रित सामग्री तथा घोषणा के साथ प्रिन्ट कागजातों की प्रतियों की संख्या तथा मुद्रण के लिए वसूल की गयी कीमत का व्यौरा आयोग द्वारा निर्धारित प्रोफाॅर्मा, जो कि इसके साथ अनुबन्ध ‘‘ख’’ के रूप में संलग्न है, में इस सम्बन्ध में सूचना प्रस्तुत करेगा। मुद्रित प्रति कार्यालय के किसी मुख्य स्थान पर प्रदर्शित की जाएगी।

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