एस.एस.बी. करती है तस्करी के वस्तुओं का वर्क आउट, बॉर्डर पर तैनात अन्य एजेंसियां बनी मूकदर्शक, स्टाफ कम होने का देते है हवाला

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पंकज चौबे की रिपोर्ट
सिद्धार्थनगर

इन दिनों इंडोनेपाल बॉर्डर के पकडीहवा, कोटिया, लोहटी, सिहोरवा, खुनुवा आदि के साइड बॉर्डर से तस्करी जोरो पर है, ऐसे नही की तस्कर मेन चेकपोस्ट से ही आते है, लेकिन जब भी आये एस एस बी ने उन्हें धर दबोचा, जिसका प्रकाशन स्थानीय समाचार पत्रों में कई बार प्रकाशित किया गया।
इंडोनेपाल बॉर्डर से केवल नेपाली मटर, दाल ही आता हो इसकी भी कोई गारण्टी नही है। जानकारी के मुताबिक बीते 28 अप्रैल 2019 डोहरिया को एक तस्कर का एस एस बी टीम ने पीछा किया। एस एस बी की टीम जब उसका पीछा करते हुए घर पर पहुची तो तस्कर बोरी में लदी वस्तुओं को घर के अंदर बने गोदाम में रखकर टैम्पू लेकर भाग गया। जवाबी कार्यवाही में चौकी इंचार्ज खुनुवा अवधेश कुमार सिंह मय फोर्स पहुँचे लेकिन घर पर केवल महिलाओं की मौजूदगी होने कारण उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ा। इसकी सूचना उप जिलाधिकारी शोहरतगढ़ को दी गयी, उन्होंने तहसीलदार शोहरतगढ़ अरविंद कुमार को भेजकर प्रकरण दिखवाने के लिए कहा, तहसीलदार शोहरतगढ़ मय फोर्स आये लेकिन किसी ने वस्तु को देखने की जहमत नही उठाई की आखिर बोरी में क्या है। बिना जांच किये अपने आप को लाचार बताकर वे अपने टीम के साथ गंतव्य को चले गए। जबकि उनके पास 2 एस आई सहित सिपाही भी मौजूद थे, ऐसा बताया जाता है।
इसके साथ ही एस एस बी टीम द्वारा नेपाल से भारतीय मुद्रा की जांच का प्रकरण, बॉर्डर पर पिकअप लदी मटर का प्रकरण, नेपाली शराब आदि के प्रकरणों का पर्दाफाश की थी, लेकिन सवाल यह कि केवल एस एस बी टीम द्वारा ही प्रकरण का खुलासा क्यो किया जाता है। क्या इंडोनेपाल बॉर्डर पर तैनात एजेंसियां केवल एस एस बी द्वारा किये गए कार्य की वाह वाही लूट रही है।
जानकारों की माने तो इंडोनेपाल बॉर्डर के बढ़नी, ढेबरुआ, गणेशपुर, कोटिया, शोहरतगढ़, लोहटी, चरिगवा, धनौरा, डोहरिया बुजुर्ग, पकडीहवा, बजहा, अलीगढ़वा आदि स्थानों पर कई गोदाम है, जिस पर कार्यवाही करने से एजेंसियां कतराती है। इसी कड़ी में बीते सोमवार को एस एस बी 43 बटालियन की टीम ने निरीक्षक अमरलाल सोनकरिया के निर्देशन में नेपाली मटर लदी टैम्पू पड़की है, जिसका नम्बर यू पी 55 टी 7223 है।
नेपाली रैपर से सफेद बोरी में कि जाती है तस्करी-
जानकारों की माने तो जबसे नेपाली प्रिंटेड मटर पर एस एस बी की नजर पड़ने लगी, तो तस्कर उसका रैपर ही बदल दिए। नेपाली प्रिंटेड मटर 25 किलोग्राम का तो सफेद बैग 50 किलोग्राम का बताया जाता है।

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